ऐतिहासिक फैसले की खौफनाक सजा, दाऊदी बोहरा केस के पूर्व जज का परिवार निशाने पर, लंदन में बेटी पर हमला
बॉम्बे हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश (Retired Judge) जस्टिस जीएस पटेल और उनके परिवार को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दाऊदी बोहरा समुदाय (Dawoodi Bohra Community) के बेहद संवेदनशील उत्तराधिकार विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाने के बाद से ही पूर्व जज और उनका पूरा परिवार असामाजिक तत्वों के निशाने पर है। पिछले 10 महीनों से लगातार मिल रही धमकियों के बीच अब यह खूनी खेल सात समंदर पार लंदन तक पहुंच गया है, जहां पूर्व न्यायाधीश की बेटी पर न सिर्फ जानलेवा हमला किया गया बल्कि पूरे परिवार को जिंदा जलाने की खौफनाक धमकी भी दी गई है। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के मामले ने न्यायपालिका की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लंदन में बेटी पर नकाबपोश का हमला, पांच जून को भेजा गया खौफनाक गुमनाम पत्र
जस्टिस जीएस पटेल की बेटी अदिति पटेल, जो इस समय लंदन में रह रही हैं, उन्हें बीते पांच जून को एक बेहद डरावना गुमनाम पत्र मिला है। इस चिट्ठी में साफ तौर पर लिखा गया है कि 'तुम्हारे और तुम्हारे पूरे परिवार के दाह-संस्कार के लिए एक पेशेवर आपराधिक गिरोह को पूरा भुगतान (Payment) किया जा चुका है।' इस धमकी भरे पत्र के साथ अपराधियों ने एक इलेक्ट्रॉनिक चिप भी भेजी है, जिसमें एक वीडियो के जरिए यह खौफनाक संदेश दिया गया है कि 'हमारा आदेश न मानने वालों का अंजाम क्या होता है।' इतना ही नहीं, इसी साल 22 अप्रैल को लंदन में एक नकाबपोश हमलावर ने अदिति पर सीधा हमला किया था, जिसमें उनकी नाक की हड्डी टूट गई थी। साल 2025 में भी अदिति के लंदन स्थित घर में रहस्यमयी तरीके से सेंधमारी की गई थी, जिसकी जिम्मेदारी अब इसी अज्ञात संगठन ने ली है।
मुंबई में पत्नी को मिला दूसरा लेटर, प्रभावशाली सदस्यों के समूह ने ली हमले की जिम्मेदारी
लंदन में हुए इस खौफनाक घटनाक्रम के तार सीधे भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई से जुड़े हुए हैं। पूर्व जज जस्टिस पटेल के मुंबई स्थित आवास पर उनकी पत्नी को भी एक धमकी भरा पत्र बरामद हुआ है। इस पत्र में बेहद बेबाकी से लिखा गया है कि 'हम दाऊदी बोहरा समुदाय के उन बेहद रसूखदार और प्रभावशाली सदस्यों का एक गुप्त समूह हैं, जो अपने समुदाय के लिए न्याय चाहते हैं।' पत्र में आगे दावा किया गया है कि उन्होंने ही एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खतरनाक गैंग को मोटी रकम देकर लंदन में पूर्व जज की बेटी पर हमले की इस पूरी वारदात को अंजाम दिलवाया है।
साल 2024 के ऐतिहासिक फैसले के बाद सितंबर से शुरू हुआ धमकियों का सिलसिला
आपको बता दें कि यह पूरा विवाद साल 2024 में शुरू हुआ था, जब बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में जस्टिस जीएस पटेल ने दाऊदी बोहरा समुदाय के लंबे समय से चले आ रहे उत्तराधिकार विवाद (Succession Dispute) पर एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया था। इस फैसले से समुदाय का एक धड़ा बेहद नाराज हो गया था। इसके बाद, पिछले साल सितंबर 2025 से जस्टिस पटेल और उनके परिजनों को लगातार जान से मारने और बर्बाद करने की धमकियां मिलनी शुरू हो गईं, जो वक्त के साथ अब बेहद हिंसक रूप ले चुकी हैं।
"अगर ऐसा ही रहा तो भविष्य में कौन जज बनना चाहेगा?" – जस्टिस जीएस पटेल का दर्द
इस बेहद गंभीर और डरावने संकट पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस जीएस पटेल ने गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि 'मैंने इस पूरे मामले को लेकर भारत और लंदन के उच्च सुरक्षा अधिकारियों से संपर्क साधा है और मुझे सभी सुरक्षा एजेंसियों से पूरा सहयोग भी मिल रहा है। लेकिन मैं यह भी अच्छी तरह समझता हूं कि भारतीय कानून और एजेंसियों का अधिकार क्षेत्र केवल भारत की सीमाओं तक ही सीमित है। अगर पूरी मुस्तैदी के बाद भी विदेशी सरजमीं पर मेरे परिवार को निशाना बनाया जाता है, तो यह पूरी व्यवस्था की विफलता (Failure of the System) मानी जाएगी।' उन्होंने बेहद भावुक होते हुए न्यायपालिका के भविष्य पर बड़ा सवाल उठाया और कहा कि 'एक जज से हमेशा यह उम्मीद की जाती है कि वह बिना किसी डर, लालच या पक्षपात के अपना काम करे, लेकिन अगर ईमानदारी से फैसला देने के बदले न्यायाधीशों और उनके मासूम परिवारों को ऐसी जानलेवा धमकियों का सामना करना पड़ेगा, तो भविष्य में कोई भी कानूनविद जज बनने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा।'
Comments are closed.