दिल्ली में महामंथन… बैठक से पहले ही 'इंडिया' गठबंधन में बड़ी बगावत, AAP और DMK समेत इन दिग्गजों ने फेरा मुंह

देश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर राजधानी दिल्ली से आ रही है, जहां सोमवार 8 जून 2026 को विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल महाबैठक होने जा रही है। आम चुनाव के बाद यह पहला मौका है जब विपक्षी गठबंधन के तमाम बड़े नेता एक मंच पर जुटने जा रहे हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भविष्य की राजनीतिक रणनीति तैयार करना और गठबंधन की एकजुटता का संदेश देना था। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि बैठक शुरू होने से पहले ही विपक्षी एकता की दीवार ढहती हुई नजर आ रही है। गठबंधन के तीन बेहद मजबूत स्तंभों- आम आदमी पार्टी (AAP), तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके (DMK) और वामपंथी दल सीपीएम (CPM) ने इस महाबैठक से पूरी तरह किनारा कस लिया है। दो प्रमुख सहयोगियों के हाथ से सत्ता खिसकने और अंदरूनी कलह के बीच हो रही यह बैठक गठबंधन के वजूद के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है।

दिल्ली पहुंचे ममता और अखिलेश, लेकिन तीन बड़े सहयोगियों की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन

कांग्रेस के नेतृत्व में बुलाई गई इस 23 दलों की महाबैठक में हिस्सा लेने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पहले ही दिल्ली डेरा डाल चुके हैं। दिल्ली पहुंचते ही ममता बनर्जी ने सबसे पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, आरजेडी के युवा नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई क्षेत्रीय दलों के क्षत्रप शामिल हो रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आप, डीएमके और वामपंथियों की गैरमौजूदगी से इस बैठक की चमक फीकी पड़ गई है और कांग्रेस के लिए अपनी लीडरशिप साबित करना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।

कांग्रेस पर लगा 'विश्वासघात' का आरोप, तमिलनाडु में टीवीके की एंट्री से भड़की डीएमके

गठबंधन में आई इस दरार की सबसे बड़ी और मुख्य वजह तमिलनाडु की राजनीति से जुड़ी है। दरअसल, तमिलनाडु में कांग्रेस ने डीएमके को तगड़ा झटका देते हुए अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) के साथ नए समीकरण बनाने के संकेत दिए हैं। इसी बात से नाराज होकर डीएमके ने कांग्रेस पर 'विश्वासघात' करने का सीधा आरोप लगाया है और बैठक का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया है। डीएमके के शीर्ष नेतृत्व का साफ कहना है कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी को कड़ी चुनौती देने में पूरी तरह नाकाम साबित रही है, ऐसे में उनके साथ चलने का कोई खास फायदा नजर नहीं आता। दूसरी तरफ, केरल में वामपंथी दलों (CPM) ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह राज्य में बीजेपी के साथ अंदरूनी साठगांठ कर रही है, जिसके चलते सीपीएम ने भी दिल्ली की इस बैठक से दूरी बनाना ही बेहतर समझा।

हार के कारणों पर मंथन और भविष्य का एजेंडा, 2 साल बाद हो रही है विपक्षी कुनबे की बड़ी बैठक

आपको बता दें कि साल 2024 के आम चुनाव के ठीक पहले 1 जून को विपक्षी गठबंधन की आखिरी औपचारिक बैठक हुई थी। उसके बाद से पिछले दो सालों के भीतर भारतीय राजनीति का परिदृश्य और राज्यों के समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। यही वजह है कि आज की इस बैठक के एजेंडे में आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए साझा रणनीति तैयार करने के साथ-साथ बंगाल, असम और अन्य राज्यों में विपक्ष को मिली करारी हार के कारणों पर गहन मंथन करना शामिल है। हालांकि, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया है कि इस बैठक में अभी भी 23 महत्वपूर्ण दल हिस्सा ले रहे हैं और गठबंधन पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

अपनों की बगावत और अंतर्कलह से जूझ रहा विपक्ष, ममता की टीएमसी में भी मची है भारी रार

गठबंधन के लिए चुनौतियां सिर्फ सहयोगियों के दूर जाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बैठक में शामिल हो रहे दलों के अंदरूनी हालात भी बेहद नाजुक हैं। हाल ही में बंगाल चुनाव में तगड़ा झटका खाने के बाद ममता बनर्जी भले ही खुद को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत दिखाने के लिए इस बैठक में शामिल हो रही हैं, लेकिन उनकी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय सबसे भीषण अंदरूनी कलह से गुजर रही है। खबरों के मुताबिक, टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने बगावती तेवर अख्तियार कर लिए हैं, जिसके चलते पार्टी को आनंद फानन में ऋतब्रत बनर्जी को सदन में नेता प्रतिपक्ष चुनना पड़ा है। ऐसे में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि अपनों की बगावत, आंतरिक फूट और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं से घिरी कांग्रेस पार्टी इस महाबैठक के जरिए 'इंडिया' गठबंधन को बिखरने से कैसे बचा पाती है।

 

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