Monsoon makes a strong entry: Amidst the furnace-scorching plains, the Meteorological Department has issued a heavy rain alert for these states IMD Weather Alert: 48 डिग्री के टॉर्चर से झुलसा उत्तर भारत, जानें दिल्ली-यूपी को कब मिलेगी इस कड़े सनस्ट्रोक से राहत
देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा इस समय सूरज की सीधी तपिश और भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के हालात तो ऐसे हैं मानो पूरा इलाका लू के थपेड़ों की आग में जल रहा हो। उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा रिकॉर्ड 48°C को छू चुका है, वहीं कई अन्य मैदानी शहरों में भी तापमान 47°C के आसपास लगातार बना हुआ है। इस झुलसाने वाली गर्मी से मई महीने के आखिरी दिनों तक कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।
लेकिन इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ी और राहत देने वाली खबर साझा की है। Zee News के अनुसार, मानसून की हवाएं अब बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के रास्ते तेजी से आगे बढ़ने लगी हैं। इस सकारात्मक बदलाव के कारण अगले कुछ दिनों के भीतर दक्षिणी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है।
उत्तर और मध्य भारत: अगले 7 दिनों तक लू का कड़ा पहरा
मैदानी और मध्य भारत के लोगों को अभी कुछ दिन और इस तपिश को बर्दाश्त करना होगा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए जो कड़े अनुमान जारी किए हैं, वे इस प्रकार हैं:
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गर्मी का चरम: उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 24 मई से 29 मई तक गर्मी अपने सबसे उग्र रूप में रहेगी। इस दौरान मैदानी इलाकों के औसत तापमान में 2°C से 4°C तक की और बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
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दिल्ली-NCR का हाल: देश की राजधानी और आस-पास के इलाकों में दिन के समय 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से कड़क धूल भरी गर्म हवाएं (लू) चलेंगी। यहाँ अधिकतम तापमान 43°C से 45°C तक पहुंचने की आशंका है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि लोगों को रात में भी राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि न्यूनतम तापमान भी 30°C से 31°C के आसपास बना रहेगा।
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अस्थायी राहत: मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में लगातार लू के बीच दोपहर या शाम के समय अचानक आंधी चलने की संभावना है, जिससे तपते मौसम से थोड़ी देर के लिए मामूली राहत महसूस हो सकती है।
क्षेत्रानुसार मौसम के बदलते मिजाज की कड़क तुलना
एक तरफ जहाँ उत्तर भारत गर्मी की भट्टी में तप रहा है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की दस्तक से मौसम पूरी तरह बदलने जा रहा है:
| भारत के मुख्य क्षेत्र | वर्तमान मौसमी स्थिति | अगले 3-4 दिनों का कड़ा पूर्वानुमान |
| उत्तर-पश्चिम व मध्य भारत | प्रचंड लू और चिलाचिलाती धूप | तापमान में बढ़ोतरी, 48°C तक जाने की आशंका |
| दिल्ली-एनसीआर बेल्ट | दिन और रात दोनों बेहद गर्म | 30 किमी/घंटा की स्पीड से चलने वाली गर्म हवाएं |
| दक्षिण भारत (केरल, माहे, लक्षद्वीप) | हल्की से मध्यम बारिश शुरू | 27 मई तक लगातार और मूसलाधार बरसात |
| पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय) | सुहावना मौसम और ठंडी हवाएं | भारी से बहुत भारी बारिश का आधिकारिक अलर्ट |
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की कड़क दस्तक
उत्तर के गर्म मैदानों से बिल्कुल उलट, दक्षिण भारत में अब राहत के दिन शुरू हो चुके हैं। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय हुआ मानसून अब उत्तर दिशा की तरफ मजबूती से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इस सिस्टम के मजबूत होने का असर दक्षिण भारतीय राज्यों में साफ दिखने लगा है, जहाँ गरज-चमक के साथ कड़क हवाएं और बारिश दर्ज की जा रही है।
मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए सख्त चेतावनी: केरल, माहे और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में 27 मई तक भारी बरसात के आसार हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को मन्नार की खाड़ी, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और केरल-कर्नाटक तट के पास गहरे समुद्र में न जाने की कड़क हिदायत दी है। इसके साथ ही, पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) और झारखंड-ओडिशा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की वजह से पहाड़ी इलाकों में अचानक भूस्खलन (Landslides) और निचले शहरी इलाकों में जलजमाव (Waterlogging) का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
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