जंतर-मंतर पर पत्रकारों पर हमला, ‘गोदी मीडिया’ कह पिटवाने वाली भीड़ का टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने किया बचाव; प्रियंका गांधी और प्रियंका चतुर्वेदी ने जताई नाराजगी
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों और प्रदर्शनकारियों का जोरदार प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांग पर अड़े हुए हैं। इस विशाल प्रदर्शन की ग्राउंड रिपोर्टिंग करने पहुंचे कई टीवी और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों के साथ पिछले दो दिनों में अभद्रता, धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रिपोर्टर्स को घेरकर ‘गोदी मीडिया’ के नारे लगाते हुए निशाना बनाते देखा जा सकता है।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बयान से मचा बवाल
संसद भवन परिसर में जब पत्रकारों ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी से जंतर-मंतर पर मीडियाकर्मियों के साथ हो रही मारपीट और उन्हें निशाना बनाए जाने पर सवाल पूछा, तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। कल्याण बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों का खुलकर बचाव करते हुए कहा कि “वे लोग जानते हैं कि आप लोग गोदी मीडिया के आदमी हैं। वे लोग जो भी कर रहे हैं, बिल्कुल ठीक कर रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि रिपोर्टर पक्षपातपूर्ण तरीके से सवाल करेंगे तो वह जवाब नहीं देंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
विपक्ष में ही बंटे सुर: प्रियंका गांधी और प्रियंका चतुर्वेदी ने की निंदा
पत्रकारों पर हुए इस हमले को लेकर विपक्षी नेताओं के सुर आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “हम किसी भी तरह की हिंसा के सख्त खिलाफ हैं। अगर रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ हिंसा हो रही है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।” हालांकि इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से सच बोलने की अपील भी की। दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मीडियाकर्मियों पर हुए हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। उन्होंने ग्राउंड पर काम कर रहे पत्रकारों (जैसे टाइम्स नाउ के देव कोटक और शेफाली) का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ हाथ में माइक होने की वजह से किसी को परेशान करना या पीटना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझने और सिर्फ अपने मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
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