जापानी ‘शिंकानसेन’ नहीं, अब दौड़ेगी स्वदेशी ट्रेन! मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में भारत का बड़ा कदम, B-28 ट्रेन सेट से रेलवे को होगी अरबों की बचत
भारत की पहली मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (Bullet Train Project) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अपडेट सामने आया है। भारत सरकार और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इस प्रोजेक्ट में बड़ा फेरबदल करते हुए जापान की प्रसिद्ध ‘E10 शिंकानसेन’ (E10 Shinkansen) ट्रेन सेट की जगह स्वदेशी रूप से निर्मित ‘B-28’ ट्रेन सेट चलाने का फैसला किया है। ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) पहल के तहत लिया गया यह फैसला भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और विदेशी निर्भरता को कम करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
कीमत और शर्तों को लेकर फंसा था पेंच, अब भारत खुद बनाएगा हाई-स्पीड ट्रेन
दरअसल, शुरुआती योजना के तहत जापान से E10 सीरीज की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन आयात (Import) की जानी थी। हालांकि, जापानी कंपनियों द्वारा दी जा रही ऊंची कीमतों, डिलीवरी टाइमलाइन में देरी और रखरखाव (Maintenance) की शर्तों को लेकर बातचीत एक लंबे समय से अटकी हुई थी। इसके बाद रेल मंत्रालय और भारतीय इंजीनियरों ने फैसला किया कि देश की अपनी वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat) की सफलता की तर्ज पर ही 250 से 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम बुलेट ट्रेन का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।
B-28 ट्रेन सेट की खासियतें और रेलवे को होने वाली भारी बचत
‘B-28’ बुलेट ट्रेन सेट का निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) चेन्नई और देश के अन्य प्रमुख रेल कारखानों में किया जाएगा।
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320 किमी/घंटा की रफ्तार: यह ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दूरी को महज 2 घंटे के आसपास समय में पूरा करने में सक्षम होगी।
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अरबों रुपये की बचत: विदेश से तैयार ट्रेनें आयात करने के मुकाबले देश में निर्माण करने से परियोजना की लागत में हजारों करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी।
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भारतीय जलवायु के अनुकूल: B-28 ट्रेन सेट को भारत के बढ़ते तापमान, धूल और मानसूनी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विशेष रूप से डिजाइन किया जा रहा है।
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वर्ल्ड क्लास सुविधाएं: इसमें एयरोडायनामिक डिजाइन, रोटेटिंग सीट्स, आधुनिक सुरक्षा तकनीक (कवच सिस्टम का हाई-स्पीड वेरिएंट) और वाई-फाई/इन्फोटेनमेंट की सुविधाएं मौजूद होंगी।
कब तक शुरू होगी देश की पहली बुलेट ट्रेन?
गुजरात के सूरत से बिलिमोरा के बीच का पहला सेक्शन ट्रायल के लिए तेजी से तैयार किया जा रहा है। स्वदेशी B-28 ट्रेन सेट के आने से प्रोजेक्ट में तेजी आने की उम्मीद है। यह कदम न केवल भारत को उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल करेगा जो खुद अपनी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन बनाने की क्षमता रखते हैं, बल्कि भविष्य में भारत अन्य विकासशील देशों को भी अपनी बुलेट ट्रेन निर्यात (Export) कर सकेगा।
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