Bagalkot Potholes Protest: सड़क के गड्ढों से परेशान लोगों ने निकाला अनोखा तोड़, ‘कॉकरोच आंदोलन’ देख हर कोई हैरान
सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढों और उनकी बदहाली को लेकर जनता अक्सर प्रशासन से शिकायत करती है, धरने पर बैठती है या स्थानीय नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करती है। लेकिन कर्नाटक के बागलकोट जिले के नागरिकों ने विरोध का एक ऐसा नायाब और मजाकिया तरीका निकाला है, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया है। यहाँ के लोगों ने बदहाल सड़कों और सरकारी अनदेखी को उजागर करने के लिए ‘कॉकरोच’ (तिलचट्टा) के पोस्टर्स का सहारा लिया है।
Zee News के अनुसार, इस कड़े और अनोखे विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहे हैं और चर्चा का विषय बने हुए हैं।
गड्ढों के टॉर्चर से तंग आकर जनता बनी ‘क्रिएटिव’
उत्तरी कर्नाटक के बागलकोट जिले के इलकल कस्बे में लोग लंबे समय से टूटी सड़कों और जानलेवा गड्ढों के कारण बेहद त्रस्त हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहाँ आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस मार्ग से गुजरना किसी कड़े इम्तिहान से कम नहीं है।
बार-बार शिकायत करने के बाद भी जब नगर प्रशासन की नींद नहीं खुली, तो लोगों ने एक नया तरीका खोज निकाला। उन्होंने सड़क के गड्ढों के पास और किनारों पर गत्ते के ऐसे पोस्टर रख दिए, जिनमें इंसानी चेहरों को कॉकरोच की शक्ल में दिखाया गया था। इन पोस्टरों के जरिए लोगों ने बुनियादी नागरिक सुविधाओं की हो रही अनदेखी पर तीखे सवाल उठाने की कोशिश की है।
पोस्टर देखते ही थमे राहगीरों के कदम
जैसे ही सड़क पर ये अजीबोगरीब पोस्टर रखे गए, वहाँ से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों की भीड़ लग गई। लोगों ने रुक-रुककर इन पोस्टरों को देखा, उनकी तस्वीरें खींचीं और वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड कर दिए। देखते ही देखते यह अनोखा ‘कॉकरोच आंदोलन’ सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। कई नेटिजन्स का कहना है कि यह तरीका भले ही हंसने पर मजबूर करता हो, लेकिन इसके पीछे जनता का कड़ा दर्द और गुस्सा छिपा हुआ है।
दिल्ली में भी दिख चुका है ऐसा ही ‘कॉकरोच अंदाज’
दिलचस्प बात यह है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ समय पहले देश की राजधानी दिल्ली से भी एक ऐसा ही दिलचस्प वाकया सामने आया था। वहाँ कुछ पर्यावरण कार्यकर्ता और आम लोग कॉकरोच जैसी कड़क पोशाक पहनकर यमुना नदी की सफाई करने उतरे थे। उस अनोखे वीडियो ने भी इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उन प्रदर्शनकारियों ने खुद को मजाकिया लहजे में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से प्रेरित बताया था, जो उस वक्त सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा था।
बेंगलुरु पुलिस ने जारी की सख्त चेतावनी
इस बीच, बागलकोट के इस प्रदर्शन का असर राज्य की राजधानी बेंगलुरु में भी देखने को मिला। सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी कर्नाटक’ के नाम से एक पोस्ट धड़ल्ले से वायरल होने लगी, जिसमें लोगों को बेंगलुरु के टाउन हॉल के पास इकट्ठा होने के लिए कहा गया था। मामला बढ़ता देख बेंगलुरु पुलिस तुरंत एक्शन में आई और एक सार्वजनिक चेतावनी (Warning) जारी कर दी।
बेंगलुरु पुलिस का आधिकारिक रुख: पुलिस प्रशासन ने साफ किया कि टाउन हॉल के पास होने वाले इस कथित कार्यक्रम के लिए आयोजकों द्वारा किसी भी तरह की आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। अधिकारियों ने कड़े शब्दों में कहा कि शहर में किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन तय नियमों और गाइडलाइंस के तहत ही किया जा सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना अनुमति वाले ऐसे किसी भी हुजूम या भीड़ का हिस्सा न बनें।
सोशल मीडिया पर आ रहे हैं कड़े और मजेदार रिएक्शन
इंटरनेट की दुनिया में इस अनोखे कॉकरोच थीम वाले प्रदर्शन को लेकर यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं:
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यूजर 1: “जब जिम्मेदार अधिकारी बहरे हो जाएं, तो जनता को ध्यान खींचने के लिए ऐसे ही कड़े और क्रिएटिव तरीके अपनाने पड़ते हैं।”
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यूजर 2: “लगता है अब देश में गड्ढों और सड़कों की समस्या पर भी एक नई तरह की राजनीति की शुरुआत हो चुकी है।”
हालांकि, ज्यादातर लोगों का यही मानना है कि प्रदर्शन का तरीका चाहे जो भी हो, खराब सड़कों की समस्या बेहद गंभीर है। अगर स्थानीय प्रशासन समय रहते अपना काम ठीक से करे और सड़कों की मरम्मत कराए, तो जनता को ऐसे अनोखे प्रदर्शन करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। फिलहाल, कर्नाटक का यह कॉकरोच आंदोलन इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
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