A New Threat from the Ebola Virus Looms Over the World; India on High Alert After Witnessing the Deadly Rampage in African Nations. दुनिया पर मंडराया इबोला वायरस का नया खतरा,अफ्रीकी देशों में मौत का तांडव देखकर भारत हाई अलर्ट पर
कोरोना महामारी और मंकीपॉक्स के बाद अब दुनिया पर एक और बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरस ‘इबोला’ (Ebola Virus) का साया मंडराने लगा है। अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के नए स्ट्रेन ने अचानक भयानक तबाही मचानी शुरू कर दी है, जिससे दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा स्थिति को बेहद संवेदनशील और ‘हाई रिस्क’ घोषित किए जाने के बाद भारत सरकार भी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। केंद्र सरकार ने देशवासियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बेहद सख्त स्वास्थ्य और ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
इन देशों की यात्रा न करने की सख्त हिदायत, दर्जनों मौतें
भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे अत्यधिक प्रभावित अफ्रीकी देशों की गैर-जरूरी (Non-essential) यात्रा से पूरी तरह बचने की सलाह दी है। इन देशों में इबोला वायरस के मामले बिजली की रफ्तार से बढ़ रहे हैं और अब तक दर्जनों लोग इसके कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। कांगो लंबे समय से इस वायरस का मुख्य केंद्र रहा है, लेकिन इस बार वहां सामने आए नए वेरिएंट्स ने चिकित्सा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है।
कांगो में हालात बेकाबू, संदिग्ध मरीजों का आंकड़ा 900 के पार
अफ्रीकी महाद्वीप से आ रही रिपोर्ट बेहद डरावनी हैं। कांगो के पूर्वी हिस्से में ‘बुंडिबुग्यो स्ट्रेन’ (Bundibugyo Strain) वाला इबोला वायरस तेजी से पैर पसार रहा है। कांगो सरकार द्वारा आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, देश में इबोला के संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 904 हो गई है, जबकि अब तक 119 संदिग्ध मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। पड़ोसी देश युगांडा और दक्षिण सूडान की सीमाएं कांगो से लगी होने और वहां की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण संक्रमण वहां भी आउट ऑफ कंट्रोल हो रहा है।
कितना खतरनाक है इबोला? शरीर के अंगों से खून आना है इसके लक्षण
चिकित्सकों के मुताबिक, इबोला एक अत्यंत संक्रामक और घातक वायरस है, जिसमें मृत्यु दर (Mortality Rate) बेहद ज्यादा होती है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के पसीने, उल्टी, खून, लार या सीमेन जैसे शारीरिक तरल पदार्थों (Bodily Fluids) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसकी चपेट में आने पर मरीज को तेज बुखार, मांसपेशियों में असहनीय दर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर स्थिति में शरीर के आंतरिक व बाहरी अंगों से रक्तस्राव (Bleeding) होने लगता है।
भारतीय एयरपोर्ट्स पर थर्मल स्कैनिंग शुरू, संदिग्ध तुरंत होंगे आइसोलेट
भारत को इस वायरस से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर पहरा सख्त कर दिया है। कांगो, युगांडा, दक्षिण सूडान या उनके आस-पास के देशों से आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की भारत के प्रमुख हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर कड़ी थर्मल और मेडिकल स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। यदि किसी भी यात्री में इबोला से मिलता-जुलता कोई भी लक्षण पाया जाता है, तो उसे एयरपोर्ट से ही सीधे विशेष एम्बुलेंस के जरिए आइसोलेशन सेंटर भेज दिया जाएगा।
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के अस्पतालों में बने स्पेशल वार्ड
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों के प्रमुख सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। इन अस्पतालों में इबोला के संदिग्ध मरीजों के लिए सर्वसुविधायुक्त विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, पिछले 21 दिनों (इबोला का इन्क्यूबेशन पीरियड) के भीतर अफ्रीका की यात्रा करके लौटे सभी भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि यदि वे थोड़ा भी अस्वस्थ महसूस करें, तो बिना छुपाए तुरंत अपनी ट्रैवल हिस्ट्री स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ साझा करें।
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