लोकसभा में कांग्रेस और सपा के बीच गहराया मतभेद: अखिलेश यादव ने बीजेपी संग राहुल गांधी की पार्टी के समझौते पर उठाए सवाल, मचा हड़कंप

संसद के सत्र के दौरान विपक्ष के प्रमुख घटक दलों—कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा)—के बीच अचानक मतभेद और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लोकसभा के भीतर दोनों ही प्रमुख सहयोगियों के बीच तालमेल की कमी स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

अखिलेश यादव का तीखा हमला और समझौते पर सवाल

मामला उस वक्त गरमा गया जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने वर्ष 2017 के संदर्भ और राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए बीजेपी के साथ कांग्रेस के कथित अंदरूनी समझौतों और साठगांठ की बात कही। इस बयान के बाद संसद भवन के भीतर और बाहर दोनों ही दलों के नेताओं के बीच असहज स्थिति पैदा हो गई।

विपक्षी एकजुटता पर उठने लगे बड़े सवाल

दोनों प्रमुख विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के बीच इस तरह खुलकर सामने आई खींचतान से आगामी रणनीतियों पर सवालिया निशान लग गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर मुद्दों पर सरकार को घेरने की बजाय आपस में ही उलझने से इंडी गठबंधन की एकजुटता को बड़ा झटका लग सकता है।

कांग्रेस की ओर से आई प्रतिक्रिया

सपा प्रमुख के इस रुख के बाद कांग्रेस खेमे में भी खलबली मच गई। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए इसे गलतफहमी करार देने का प्रयास किया है, लेकिन अखिलेश यादव के कड़े तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गठबंधन के भीतर अंदरूनी कलह और मतभेद काफी गहरे हैं।

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