West Bengal Government Cracks Down Further on Infiltrators: No More Free Biryani Now, Direct Deportation घुसपैठियों पर और सख्त हुई पश्चिम बंगाल सरकार मुफ्त बिरयानी नहीं, अब सीधे होगा निर्वासन

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में आने के बाद राज्य की सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ (पहचान करें, नाम हटाएं और निर्वासित करें) की नीति के बाद, अब राज्य सरकार इसे और अधिक आक्रामक तरीके से लागू करने की तैयारी में है।

“होल्डिंग सेंटर की जरूरत नहीं, सीधे हो देश से बाहर”

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घुसपैठियों को लेकर सरकार के सख्त इरादों को और स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से आग्रह किया है कि अवैध प्रवासियों को होल्डिंग सेंटर में रखने के बजाय सीधे उनके देश वापस भेजा जाए। भट्टाचार्य ने दो टूक शब्दों में कहा, “ऐसे लोगों को एक भी दिन भारत में मुफ्त का खाना खिलाने की कोई जरूरत नहीं है। मेरा संदेश स्पष्ट है—ऐसे लोगों को एक दिन भी ‘मुफ्त बिरयानी’ नहीं खिलाई जाएगी।” भाजपा का साफ मानना है कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है, और अवैध प्रवासियों को किसी भी हाल में यहाँ रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सुरक्षा और राष्ट्रहित में कड़े कदम

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 20 मई को एक कार्यक्रम के दौरान अपनी इस नीति की घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा पकड़े गए हर संदिग्ध घुसपैठिए को तुरंत सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया जाएगा। नागरिक संशोधन अधिनियम (CAA) के दायरे से बाहर आने वाले सभी घुसपैठियों को हिरासत में लेकर निर्वासन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी जोड़ा कि अगर किसी को भारत आना ही है, तो उसे कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा, वरना घुसपैठ का खेल अब बंगाल में नहीं चलेगा।

एक्शन मोड में सरकार: मालदा में पहला ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ सेंटर

सरकार केवल कागजी घोषणाएं नहीं कर रही है, बल्कि धरातल पर काम भी शुरू हो चुका है। मालदा में पहला ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ सेंटर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस केंद्र में अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के आरोप में पकड़े गए विदेशी नागरिकों को रखा जा रहा है। सीसीटीवी की निगरानी और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच यहाँ घुसपैठियों को उनके निर्वासन तक रखा जाएगा। यह कदम राज्य सरकार की अवैध प्रवासियों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का जीता-जागता उदाहरण है।

Comments are closed.