केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने मलप्पुरम पर दिए गए विवादित बयानों को लेकर सीपीआई (एम) को घेरा

दक्षिण भारतीय राज्य केरल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के नेता पी. नंदकुमार की उस कथित और बेहद विवादास्पद टिप्पणी की कड़ी शब्दों में निंदा की है, जिसमें उन्होंने मलप्पुरम जिले को कट्टरपंथियों और सांप्रदायिक लोगों का अड्डा बताया था। मुख्यमंत्री सतीसन ने सीधे तौर पर सीपीआई (एम) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी ऐसे सांप्रदायिक और बांटने वाले बयानों का परोक्ष रूप से समर्थन कर रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये टिप्पणियां न सिर्फ चिंताजनक हैं, बल्कि इसलिए और भी गंभीर हैं क्योंकि ये सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की मौजूदगी में दिए गए, और उन्होंने इस पर आपत्ति तक नहीं जताई।

मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “मैं सीपीआई (एम) नेता पी. नंदकुमार द्वारा मलप्पुरम के सम्मानित लोगों को कट्टरपंथी बताकर की गई सांप्रदायिक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य बयान राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन की मौजूदगी में दिया गया, लेकिन उन्होंने इस पर एक शब्द भी आपत्ति जताना या अपने बयान में सुधार करना उचित नहीं समझा।

इससे यह साफ जाहिर होता है कि सीपीआई (एम) इस तरह की विभाजनकारी सोच को परोक्ष रूप से सही मानती है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह बयानबाजी मलप्पुरम और समाज के कुछ खास समुदायों को निशाना बनाकर दिए जाने वाले बयानों के एक बड़े और सुनियोजित सिलसिले का ही हिस्सा है, जो राज्य के सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर सकता है।

मुख्यमंत्री सतीसन ने सीपीआई (एम) पर लगातार मिल रही चुनावी हार के बाद भी ‘डॉग-व्हिसल पॉलिटिक्स’ (इशारों-इशारों में भड़काऊ और ध्रुवीकरण की राजनीति) करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनका यह राजनीतिक तरीका काफी हद तक दक्षिणपंथी या संघ परिवार की ध्रुवीकरण वाली रणनीतियों के जैसा ही है।

उन्होंने सीपीआई (एम) के केंद्रीय नेतृत्व और पिनाराई विजयन से मांग की है कि वे अपनी चुप्पी तोड़ें और जनता के सामने इस पूरे मामले पर अपना स्पष्ट रुख रखें। मुख्यमंत्री ने यह भी मांग की कि पार्टी और नेता पी. नंदकुमार दोनों को केरल की जनता से बिना किसी शर्त के सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

यह पूरा राजनीतिक विवाद तब शुरू हुआ जब शनिवार को मलप्पुरम में सीपीआई (एम) की जिला समिति की एक विस्तारित बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में स्वागत भाषण देते हुए नेता पी. नंदकुमार ने कथित तौर पर मलप्पुरम को लेकर वह विवादित टिप्पणी की थी। इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, जिनमें पिनाराई विजयन भी शामिल थे, मंच पर मौजूद थे।

इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया। मुस्लिम यूथ लीग के कार्यकर्ताओं ने पोन्नानी पुलिस स्टेशन और संबंधित उप-पुलिस अधीक्षक (DSP) के समक्ष नंदकुमार के खिलाफ औपचारिक शिकायतें दर्ज कराईं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई अन्य सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से भी शिकायतें मिली हैं और वीडियो फुटेज की गहन जांच के बाद नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, थावनूर के विधायक वीएस जॉय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए मलप्पुरम का बचाव करते हुए लिखा, “मलप्पुरम कोई घोंसला नहीं है। यह एक महल है, जिसे धर्मनिरपेक्ष सोच वाले अमन-पसंद लोगों ने एक साथ मिलकर पिरोए गए रत्नों से सजाया है।” इस बयानबाजी के बाद केरल का सियासी पारा काफी हाई हो चुका है।

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