लखनऊ । प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों में पीड़ित महिलाओं के लिए अल्पावास गृह खोले जाएंगे। इनमें घरेलू हिंसा या फिर अन्य पीड़ित मामलों में जरूरतमंद महिलाओं को अस्थायी शरण दी जाएगी। महिला कल्याण विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए पैसा भी मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, अभी प्रदेश में जितने भी अल्पावास गृह संचालित हैं वह स्वयंसेवी संस्थाओं के हैं। इसके अलावा स्वाधार गृह भी एनजीओ ही संचालित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए अपने भी अल्पावास गृह संचालित करने का निर्णय लिया है। इनमें महिलाओं को रहने के साथ ही खाना भी मुफ्त दिया जाएगा।
ये अल्पावास गृह मुसीबत के समय महिलाओं की मदद करेंगे। इन अल्पावास गृहों में पीड़ित महिलाएं बगैर किसी भय के कुछ दिन बिता सकेंगी। समाज कल्याण आयुक्त चन्द्र प्रकाश ने बताया कि महिला कल्याण विभाग ने इसका विस्तृत खाका तैयार कर लिया है। अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए बजट भी मांगा जाएगा। इससे पीड़ित महिलाओं की मदद हो सकेगी।
समाज कल्याण विभाग बरेली व आगरा में लांग स्टे होम खोलने जा रहा है। यह होम उन लोगों को अपने यहां शरण देंगे जो मानसिक बीमारी से अब ठीक हो चुके हैं, लेकिन इनके परिवारीजन इन्हें अपने साथ रखने को तैयार नहीं हैं।
प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह ने बताया कि बरेली व आगरा में मानसिक मंदित अस्पताल में मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यहां जो मरीज ठीक हो गए हैं, उन्हें भी उनके परिवारीजन घर नहीं ले जा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार अब बरेली व आगरा दोनों ही जगह लांग स्टे होम खोलने जा रही है। दोनों ही होम 150-150 बेड के होंगे।
इनमें मनोचिकित्सकों की भी तैनाती की जाएगी। यह चिकित्सक इन लोगों की देखभाल करने में मदद करेंगे। लांग स्टे होम खुलने के बाद मानसिक अस्पतालों का बोझ कम होगा। इससे यहां नए मरीजों की अच्छे से देखभाल हो सकेगी। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर सरकार ने हरी झंडी दे दी है। शीघ्र ही दोनों स्थानों पर लांग स्टे होम बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
News Source: jagran.com
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