लखनऊ । कहते हैं कि तंदुरुस्ती ही सबसे बड़ी नियामत है। अब यह फामरूला पुलिस अधिकारियों को विशिष्ट व सराहनीय सेवाओं के लिए मिलने वाले राष्ट्रपति पदक पर भी लागू होगा। एकदम फिट अफसरों के नाम ही अब इन पदक के लिए गृह मंत्रालय को भेजे जाएंगे। दरअसल, राष्ट्रपति पदक के लिए अधिकारियों को नामित किए जाने के मानकों में कई बदलाव किए गए हैं।
डीजीपी मुख्यालय में अधिकारियों के प्रस्तावित नामों की सूची पर चर्चा के लिए बैठक हुई, जिसमें गृह मंत्रलय के बदले मानकों के आधार पर नए सिरे से अधिकारियों के नामों पर मंथन के निर्देश दिए गए। विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक व सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक पाने के लिए पुलिस अधिकारियों के चयन के लिए कई बदलाव किए गए हैं। बताया गया कि केंद्रीय बलों के तर्ज पर अब अधिकारियों की फिटनेस को सबसे ज्यादा तरजीह दी जा रही है।
इसमें अधिकारियों की मन:स्थिति भी परखी जाएगी। अब इन पदक को पाने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारी के लिए पुलिस विभाग के मानकों के अनुरूप शेप-वन फिटनेस लेवल अनिवार्य होगा। बताया गया कि शेप-वन के तहत अधिकारी की लंबाई के अनुरूप उसका वजन होने के अलावा उसकी मनोवैज्ञानिक स्थिति, सुनने व देखने की क्षमता उच्च कोटि की होनी चाहिए।
वहीं विशेष परिस्थितियों में शेप-टू की फिटनेस रखने वाले अधिकारियों के नाम पर भी विचार किए जाने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा अब विशिष्ट सेवा पदक के लिए अधिकारी के सेवाकाल को 21 वर्ष से बढ़ाकर 25 वर्ष तथा सराहनीय सेवा पदक के लिए सेवाकाल को 15 वर्ष से बढ़ाकर 18 वर्ष कर दिया गया है। चयन के लिए अधिकारी के पिछले 10 सालों का कैरेक्टर रोल भी देखा जाएगा। इनमें विशिष्ट सेवा पदक के लिए पांच आउट स्टैंडिंग भी अनिवार्य होंगे।
News Source: jagran.com
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