महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में “ई-गवर्नेंस” पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा आयोजित किया जा रहा दो दिवसीय सम्मेलन प्रशासनिक प्रणाली को अपडेट करने और अभिनव विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक स्वागत योग्य कदम है

भारत का गुड गवर्नेंस सूचकांक कई क्षेत्रों में महाराष्ट्र के मजबूत प्रदर्शन को मान्यता देता है: सचिव, डीएआरपीजी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने आज मुंबई में “ई-गवर्नेंस” पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन का आयोजन प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से संयुक्त रूप से 23 से 24 जनवरी, 2023 तक मुंबई में किया जा रहा है। इस सम्मेलन में आज 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 500 प्रतिनिधियों ने हाइब्रिड मोड में हिस्सा लिया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ई-गवर्नेंस को व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है और कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा आयोजित किया जा रहा दो दिवसीय सम्मेलन प्रशासनिक प्रणाली को अपडेट करने और अभिनव विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक स्वागत योग्य कदम है। इस सम्मेलन के माध्यम से पूरे देश में ई-गवर्नेंस के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों की जानकारी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ‘अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार’ मंत्र दिया गया है और कहा कि ई-गवर्नेंस को पूरे देश में व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है और ई-गवर्नेंस के माध्यम से नागरिकों को गुड गवर्नेंस प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भागीदारी प्राप्त हो रही है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/E-1OZ80.jpg

श्री वी श्रीनिवास, डीएआरपीजी सचिव ने अपने प्रारंभिक संबोधन में कहा कि दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन महाराष्ट्र में अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों को लागू करने के लिए डीएआरपीजी और महाराष्ट्र सरकार द्वारा तैयार की गई एक बहु-आयामी कार्य योजना के परिणामस्वरुप हो रहा है, जिससे कि पुरस्कार विजेताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के दिग्गजों द्वारा अपनाने योग्य सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रस्तुत किया जा सके और उनका व्यापक प्रसार किया जा सके। “इस क्षेत्रीय सम्मेलन का एक उद्देश्य गवर्नेंस में महाराष्ट्र सरकार की मूल शक्तियों को ई-गवर्नेंस में परिवर्तित करना है जिससे संस्थानों में डिजिटल रूपांतरण और नागरिकों के डिजिटल वातावरण को सक्षम बनाया जा सके।” उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र एक मजबूत गवर्नेंस मॉडल के साथ भारत के सबसे उन्नत राज्यों में से एक है, जिसमें एक मजबूत सचिवालय संरचना और जिले हैं जहां पर अधिकारी नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का गवर्नेंस सूचकांक कृषि, वाणिज्य और उद्योग, सार्वजनिक अवसंरचना, सामाजिक कल्याण और विकास, न्यायपालिका और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में महाराष्ट्र के मजबूत प्रदर्शन को मान्यता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि दस क्षेत्रों के 58 मापदंडों में महाराष्ट्र अन्य भारतीय राज्यों से बहुत आगे है।

ई-ऑफिस संस्करण 7.0 को अपनाने के संदर्भ में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि यह डी-लेयरिंग, डेलिगेशन और राज्य सचिवालय के डिजिटलीकरण के माध्यम से निर्णय लेने की दक्षता बढ़ाने, डिजिटल सचिवालय के निर्माण को सक्षम बनाने के लिए कार्यालय प्रक्रियाओं के मैनुअल को अपडेट करने, सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रशासनिक नवाचारों का दस्तावेजीकरण और जिला स्तरीय गवर्नेंस सूचकांक तैयार करने के लिए एक पहल है।

डीएआरपीजी सचिव ने आगे कहा कि इस सम्मेलन के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्देश्यों में पूरे भारत में ई-सेवाओं की संतृप्ति को गति देने के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन (एनईएसडीए) की सिफारिशों का प्रभावी कार्यान्वयन, डिजिटल संस्थानों, विशेष रूप से राज्य सचिवालयों को ई-कार्यालय अपनाने में सक्षम बनाने, नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए निर्बाध रूपांतरण को सक्षम बनाने के लिए शिक्षाविदों, स्टार्ट-अप और सरकारी सेवा पोर्टलों के बीच संबंधों को मजबूत करना है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/E-2K0CU.jpg

आज के उद्घाटन सत्र में श्री मनुकुमार श्रीवास्तव, महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, श्री अमर नाथ, डीएआरपीजी के अपर सचिव, श्रीमती सुजाता सौनिक, महाराष्ट्र सरकार में सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्री पराग जैन, महाराष्ट्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव भी उपस्थित हुए।

उद्घाटन सत्र के दौरान, निम्नलिखित प्रदर्शन किया गया:–

  1. महाराष्ट्र सरकार की कार्यालय प्रक्रिया मैनुअल पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति,
  2.  डीएआरपीजी की वर्षांत समीक्षा पर एक फिल्म; और
  3. ई-गवर्नेंस पहलों पर एक ई-जर्नल एमजीएमजी औपचारिक रूप से जारी किया गया।

समापन सत्र में कल राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस सभा को संबोधित करेंगे।

यह सम्मेलन प्रशासनिक प्रशिक्षण में सर्वोत्तम प्रथाओं के निर्माण और कार्यान्वयन, नागरिक केंद्रित शासन को सुविधाजनक बनाने के लिए क्षमता निर्माण, ई-गवर्नेंस के माध्यम से बेहतर सार्वजनिक सेवाओं का वितरण, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-अनुकूल प्रभावी प्रशासन में अनुभवों को साझा करने के लिए एक आम मंच तैयार करने का एक प्रयास है।

Comments are closed.