सुप्रीम कोर्ट की दो टूक: राम मंदिर चंदा चोरी मामला केवल ‘अपराध’ है, इसे राजनीति का अखाड़ा न बनाएं The Supreme Court’s clear statement: The Ram Temple donation theft case is merely a ‘crime’; don’t make it a political arena
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में दान की राशि के कथित गबन और चंदा चोरी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बेहद सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिशों पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह ‘अपराध का एक साधारण मामला’ है और अदालत का प्राथमिक उद्देश्य केवल एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी पक्षों से अपील की कि वे इस मुद्दे को अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि अदालत राजनीति का मंच नहीं है। यह मामला राम मंदिर ट्रस्ट में कथित गबन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें सीबीआई जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और सीएजी (CAG) से ऑडिट कराने की मांग की गई है।
SIT जांच पर सरकार से जवाब-तलब, 27 जुलाई को अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से एसआईटी (SIT) गठन को लेकर सवाल किए। सरकार की ओर से अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा पहले ही एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है और वह सक्रिय रूप से मामले की जांच कर रही है। कोर्ट ने जांच की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अगली सुनवाई 27 जुलाई के लिए निर्धारित की है। इस तारीख को उत्तर प्रदेश सरकार को अदालत के समक्ष SIT जांच की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी, जो मामले के भविष्य को तय करने में निर्णायक साबित होगी।
जांच की रफ्तार: 8 गिरफ्तारियां और 80 लाख की बरामदगी
SIT की अंतरिम रिपोर्ट के बाद मामले में तेजी आई है और कई बड़े खुलासे हुए हैं। अब तक पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान मंदिर के दान से कथित तौर पर गबन किए गए लगभग 80 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। इस मामले की आंच ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंची, जिसके बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा को इस्तीफा देना पड़ा। SIT वर्तमान में वित्तीय रिकॉर्ड और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा सके, जिसमें मंदिर के दान संग्रह और गिनती की व्यवस्था में सुधार के सुझाव भी शामिल हो सकते हैं।
22 जुलाई को ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक, सुधारों पर होगा मंथन
राम मंदिर चंदा चोरी विवाद और SIT की जारी जांच के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जुलाई को अयोध्या में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा SIT की जांच रिपोर्ट और उसमें की गई सिफारिशों पर चर्चा करना है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रस्ट अपनी भविष्य की कार्ययोजना और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलावों पर मुहर लगा सकता है। ट्रस्ट की कोशिश है कि दान प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
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