विदेश में आंखों के इलाज की याचिका खारिज, कोर्ट बोला- पहले SSKM अस्पताल में करवाएं जांच Petition for eye treatment abroad rejected, court said- get the test done first at SSKM Hospital
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से सोमवार, 20 जुलाई को एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट ने विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने की उनकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए निर्देश दिया कि बनर्जी को सबसे पहले कोलकाता के प्रतिष्ठित सरकारी एसएसकेएम (SSKM) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों से अपनी आंखों की गहन जांच करानी होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी मेडिकल बोर्ड की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी विदेश यात्रा की अनुमति पर विचार किया जाएगा।
हेट स्पीच केस में सुनवाई: जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच का सख्त रुख
यह अहम फैसला जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकलपीठ ने उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान कथित रूप से भड़काऊ और नफरत भरे भाषण देने के मामले से जुड़ी है। सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी के वकील ने दलील दी कि सांसद को आंखों के विशेष इलाज के लिए तुरंत विदेश जाना आवश्यक है। हालांकि, जस्टिस भट्टाचार्य ने बिना चिकित्सीय जांच के सीधी मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया और राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया।
अमेरिका में 10 साल से चल रहा इलाज, फिर भी कोर्ट ने क्यों मांगा मेडिकल बोर्ड का ओपिनियन?
जस्टिस भट्टाचार्य ने याचिकाकर्ता के वकील से सीधा सवाल पूछा कि क्या अदालत का दरवाजा खटखटाने से पहले किसी भारतीय नेत्र रोग विशेषज्ञ (ऑप्थल्मोलॉजी एक्सपर्ट) से सलाह ली गई थी। इस पर वकील ने स्पष्ट किया कि बनर्जी बीते 10 वर्षों से लगातार अमेरिका में ही अपनी आंखों का इलाज कराते आ रहे हैं। इस तथ्य को रिकॉर्ड पर लेते हुए भी अदालत ने दोहराया कि विदेशी सरजमीं पर यात्रा की अनुमति देने से पूर्व देश की अपनी सरकारी चिकित्सा व्यवस्था द्वारा जांच किया जाना अनिवार्य है। कोर्ट ने एसएसकेएम अस्पताल के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष को तत्काल विशेषज्ञों का बोर्ड बनाकर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए।
राज्य सरकार का कड़ा विरोध: जांच प्रभावित होने की जताई आशंका
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने पीठ को अवगत कराया कि टीएमसी सांसद पर कथित हेट स्पीच समेत कई अन्य महत्वपूर्ण कानूनी मामले लंबित हैं। इस संवेदनशील मोड़ पर विदेश जाने की अनुमति देने से जांच एजेंसियों को कानूनी दस्तावेज जुटाने और पूछताछ में अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। दोनों पक्षों की तीखी बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि जब तक मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक विदेश यात्रा पर पूर्ण रोक रहेगी।
गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत: अक्टूबर तक पुलिस कार्रवाई पर रोक
एक तरफ जहां इलाज के लिए विदेश जाने की अर्जी खारिज हुई, वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को कानूनी प्रक्रिया में बड़ी अंतरिम राहत भी प्रदान की है। कोर्ट ने कथित हेट स्पीच मामले में सांसद के खिलाफ किसी भी तरह की कठोर या दंडात्मक पुलिस कार्रवाई (जैसे गिरफ्तारी) पर लगी रोक को अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि, जज ने चेतावनी दी कि राहत का लाभ तभी मिलेगा जब बनर्जी जांच प्रक्रिया में पूरी तरह सहयोग करेंगे। मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2026 में होगी, जहां एसएसकेएम का मेडिकल बोर्ड अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
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