सड़क पर निकलने से पहले जांच लें कागज! बिना हेलमेट और इंश्योरेंस के कटेगा ₹5,000 तक का भारी चालान, ट्रैफिक पुलिस का विशेष सघन चेकिंग अभियान शुरू
सड़क हादसों में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने एक बार फिर मोर्चा संभाल लिया है। देश भर के प्रमुख शहरों, चौराहों और एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की धरपकड़ के लिए विशेष सघन चेकिंग अभियान (Special Enforcement Drive) शुरू किया गया है।
इस अभियान के दौरान विशेष रूप से बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों और बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस (Third-Party Insurance) के दौड़ रही गाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ट्रैफिक नियमों का एक साथ उल्लंघन पाए जाने पर वाहन चालकों की जेब पर ₹5,000 तक का संयुक्त चालान गिर सकता है, साथ ही वाहन जब्त होने और ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित होने का भी पूरा खतरा है।
संशोधित मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत ट्रैफिक नियमों को न मानने पर भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान है:
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बिना हेलमेट दोपहिया चलाना (धारा 194D):
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चालक (Rider) या पीछे बैठी सवारी (Pillion Rider) में से किसी ने भी बीआईएस/आईएसआई (ISI) प्रमाणित हेलमेट नहीं पहना है, तो ₹1,000 का चालान कटेगा।
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इसके साथ ही संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित (Disqualify/Suspend) किया जा सकता है।
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बिना वैध इंश्योरेंस के वाहन चलाना (धारा 196):
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पहली बार पकड़े जाने पर: ₹2,000 का जुर्माना अथवा 3 महीने तक की जेल (या दोनों)।
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दूसरी या बार-बार पुनरावृत्ति (Repeat Offence) पर: ₹4,000 का जुर्माना या जेल का प्रावधान।
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इसके अलावा वैध बीमा प्रस्तुत न करने तक मौके पर ही गाड़ी जब्त (Impound) की जा सकती है।
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संयुक्त उल्लंघन पर ₹5,000 तक की चपत:
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यदि कोई चालक बिना हेलमेट (₹1,000), बिना इंश्योरेंस (₹2,000) और साथ में बिना वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC – ₹10,000 तक) या बिना सीटबेल्ट/लाइसेंस के पकड़ा जाता है, तो मौके पर ई-चालान की कुल राशि ₹5,000 से भी ऊपर पहुंच जाती है।
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अब चौराहों पर पुलिसकर्मी के सामने न होने पर भी चालान से बचना मुमकिन नहीं रह गया है:
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शहरों के प्रमुख चौराहों, फ्लाईओवर और टोल प्लाजा पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे और हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी सर्विलांस लगाए गए हैं।
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ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को सीधे केंद्रीय ‘वाहन’ (VAHAN) पोर्टल के डेटाबेस से मैच करते हैं। यदि गाड़ी का इंश्योरेंस या फिटनेस एक्सपायर है, तो बिना रोके सीधे आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ई-चालान का एसएमएस पहुंच जाता है।
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हेलमेट के मामले में कैमरे द्वारा चालक और पीछे बैठी सवारी दोनों के चेहरों को स्कैन कर फोटो युक्त डिजिटल चालान जनरेट किया जा रहा है।
कई वाहन चालक प्रीमियम बचाने के चक्कर में इंश्योरेंस रिन्यू कराने में लापरवाही बरतते हैं। लेकिन यह जानलेवा भूल साबित हो सकती है:
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थर्ड-पार्टी देनदारी का बोझ: यदि बिना बीमा वाली गाड़ी से कोई सड़क दुर्घटना हो जाती है, तो पीड़ित व्यक्ति को मिलने वाले लाखों-करोड़ों रुपये के मुआवजे (Compensation) का भुगतान बीमा कंपनी नहीं, बल्कि सीधे वाहन मालिक को अपनी निजी संपत्ति या जेब से करना पड़ता है।
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नो क्लेम बोनस (NCB) का नुकसान: यदि पॉलिसी की समाप्ति तिथि के 90 दिनों के भीतर रिन्यू नहीं कराया गया, तो वर्षों से संचित किया गया 20% से 50% तक का नो-क्लेम बोनस पूरी तरह शून्य हो जाता है।
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डिजिटल दस्तावेज साथ रखें: यदि कागजी दस्तावेज घर छूट गए हैं, तो केंद्र सरकार के mParivahan या DigiLocker ऐप में मौजूद डिजिटल आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस को वैध माना जाता है।
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मानक हेलमेट ही पहनें: केवल कैप-स्टाइल या लोकल प्लास्टिक हेलमेट मान्य नहीं हैं; हेलमेट पर बीआईएस (BIS) का होलोग्राम/आईएसआई मार्क होना चाहिए और स्ट्रैप (फीता) ठीक से बंधा होना अनिवार्य है।
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पेंडिंग चालान चेक करें: परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल (echallan.parivahan.gov.in) पर जाकर अपने वाहन का नंबर डालें और देखें कि कोई पुराना चालान लंबित तो नहीं है। समय पर भुगतान न करने पर वर्चुअल कोर्ट से समन जारी हो सकता है।
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