लोकसभा चुनाव 2029 की बिसात बिछ चुकी है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी संगठन को धार देने के लिए बड़े संगठनात्मक बदलावों का शंखनाद कर दिया है। कांग्रेस का मुख्य फोकस अब दलित आउटरीच, जमीन पर मजबूत पकड़ और आक्रामक रणनीति पर है। इस बदलाव के साथ ही कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में एक बड़ा दांव चलते हुए चौंकाने वाले फैसले लिए हैं।
यूपी में दलित दांव और राजेंद्र पाल गौतम की एंट्री
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए ब्राह्मण चेहरे अविनाश पांडे की जगह दलित नेता और दिल्ली के पूर्व आप मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को नया प्रभारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति कांग्रेस के ‘सामाजिक न्याय’ एजेंडे को आक्रामक रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में एक स्पष्ट संकेत है। ढाई साल पहले कांग्रेस का दामन थामने वाले गौतम का मजबूत सामाजिक आधार पार्टी के लिए नई उम्मीद जगा रहा है। गौतम ने स्पष्ट किया है कि संविधान में विश्वास रखने वाले बसपा सहित सभी दलों के लिए कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं, जो 2029 के लिए गठबंधन की नई संभावनाओं को जन्म देता है।
सेवा दल को मिली नई ऊर्जा, बीवी श्रीनिवास संभालेंगे कमान
कांग्रेस ने अपने 102 साल पुराने फ्रंटल संगठन ‘सेवा दल’ में नई जान फूंकने के लिए युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास को ‘चीफ ऑर्गेनाइजर’ बनाया है। कोरोना काल में अपनी मानवीय मदद के कारण ‘ऑक्सीजन मैन’ की पहचान बनाने वाले श्रीनिवास अपने आक्रामक और निडर नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। श्रीनिवास का लक्ष्य सेवा दल को युवा ऊर्जा से लैस कर उसे राहुल गांधी के मिशन के लिए एक मजबूत और निडर कैडर के रूप में तैयार करना है।
मणिकम टैगोर बने मिशन 2029 के मुख्य रणनीतिकार
संसद में अपनी मुखर आवाज के लिए जाने जाने वाले मणिकम टैगोर को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। तमिलनाडु में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए सही समीकरण बैठाने का दारोमदार टैगोर के कंधों पर है। मणिकम टैगोर ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका एकमात्र मिशन 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना है और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर पार्टी अभी से नींव मजबूत कर रही है।
राज्यों में भी बदलाव की बयार और आगे की चुनौती
संगठन के शक्ति संतुलन को साधने के लिए कांग्रेस ने राज्यों के प्रभारियों में भी बड़े बदलाव किए हैं। हरियाणा में संजय दत्त को नया प्रभारी बनाया गया है, जबकि लालजी देसाई को ओडिशा की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि अजय लल्लू पूरी तरह से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकें। सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड और झारखंड में भी बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। राहुल गांधी के ये फैसले पार्टी को और अधिक निर्णायक बनाने की दिशा में हैं, हालांकि राज्य इकाइयों को स्वायत्त और मजबूत बनाना पार्टी के लिए अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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