मानसून कहां तक पहुंचा और यूपी-बिहार में कब होगी धांसू एंट्री? दिल्ली में टूटा 106 साल का रिकॉर्ड

भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान उत्तर और मध्य भारत के करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून देश के कई हिस्सों को कवर करते हुए अब मध्य भारत की ओर रुख कर चुका है। ऐसे में हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उत्तर प्रदेश और बिहार में बादलों की फौज कब दस्तक देगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून अगले कुछ ही दिनों में बिहार के रास्ते उत्तर भारत में प्रवेश करेगा, जिससे जून के मध्य तक बिहार के अधिकांश हिस्सों और उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इस दस्तक से न केवल तापमान में भारी गिरावट आएगी बल्कि किसानों के चेहरे भी खिल उठेंगे।

दिल्ली-एनसीआर में कुदरत का भयंकर तांडव, 1920 के बाद पहली बार दर्ज हुई 120KM की तूफानी आंधी एक तरफ जहां मानसून की राहत भरी खबरें आ रही हैं, वहीं देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (NCR) में मौसम ने ऐसा भयानक रूप दिखाया जिसने इतिहास के पन्नों को पलट कर रख दिया है। दिल्ली में बीते दिन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली भीषण चक्रवाती आंधी और अंधड़ ने भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, साल 1920 के बाद यानी पिछले 106 सालों में जून के महीने में इतनी भीषण और तेज रफ्तार वाली आंधी कभी दर्ज नहीं की गई थी। इस ऐतिहासिक और अप्रत्याशित तूफान के कारण पूरी राजधानी में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। दिन के समय ही आसमान में घने काले बादलों और धूल के गुबार के कारण अंधेरा छा गया, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग का हाई अलर्ट जारी, अगले 48 घंटों तक सावधान रहने की चेतावनी दिल्ली-एनसीआर में आए इस भयंकर तूफान के बाद मौसम विभाग ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और स्थानीय मौसमी बदलावों के चलते अचानक हवा के दबाव में भारी कमी आई, जिसने इस विनाशकारी आंधी का रूप ले लिया। आने वाले 48 घंटों के दौरान भी धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की तीव्र आशंका जताई गई है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलें, कमजोर इमारतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। उत्तर भारत के लोगों को सलाह दी गई है कि वे मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक मौसम के इस उतार-चढ़ाव को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें।

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