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27 दिसंबर से 5 जनवरी तक प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था स्थगित
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जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकार, साधु-संतों को भी नहीं मिलेगा प्रोटोकॉल
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250 रुपये में शीघ्र दर्शन की सुविधा यथावत
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भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर
समग्र समाचार सेवा
उज्जैन, 28 दिसंबर: महाकालेश्वर मंदिर समिति ने नववर्ष के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए 27 दिसंबर से 5 जनवरी तक प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था बंद कर दी है। इस अवधि में केवल वीवीआईपी श्रद्धालुओं को ही प्रोटोकॉल के तहत दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
मंदिर समिति के अनुसार, इस निर्णय के तहत जनप्रतिनिधि, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार, साधु-संत, शंकराचार्य और महामंडलेश्वर सभी के लिए प्रोटोकॉल सुविधा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। हालांकि, आम श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन और 250 रुपये शुल्क पर शीघ्र दर्शन की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
बीते तीन दिनों में 5.50 लाख श्रद्धालु
समिति ने एक सप्ताह पहले भी व्यवस्थाओं में बदलाव करते हुए भस्म आरती के लिए ऑनलाइन अनुमति बंद कर केवल ऑफलाइन व्यवस्था लागू की थी। 25 से 27 दिसंबर के बीच करीब 5.50 लाख श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंचे। अनुमान है कि 25 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच देशभर से 12 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच सकते हैं।
शीघ्र दर्शन में अफरा-तफरी
शनिवार को मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ी। विशेष रूप से 250 रुपये वाले शीघ्र दर्शन मार्ग पर अव्यवस्था देखी गई, जहां भीड़ में कुछ श्रद्धालु दब गए। सूचना मिलने पर मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। वीकएंड और नववर्ष के चलते भीड़ लगातार बढ़ रही है, जिस कारण समिति ने 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक कई व्यवस्थागत बदलाव लागू किए हैं।
ट्रैफिक जाम पर सख्ती, वाहनों पर कार्रवाई
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ उज्जैन पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मंदिर के आसपास अवैध पार्किंग और जाम की स्थिति पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। कई स्थानों पर बीच सड़क खड़े वाहनों की हवा निकाली गई और चालानी कार्रवाई भी हुई।
उज्जैन पुलिस के अनुसार, कोट मोहल्ला से गेट नंबर चार तक मार्ग को लगातार खाली कराया जा रहा है। प्रतिदिन 6 से 8 हजार वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि विशेष तिथियों पर यह संख्या 10 हजार से अधिक तक पहुंच जाती है।
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