बंगाल में BJP का प्लान-B तैयार ममता दीदी पर सीधा वार बंद, अब केवल TMC सरकार पर निशाना जानें क्या है नई रणनीति

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में अपनी चुनावी और राजनीतिक रणनीति में रातों-रात बड़ा बदलाव किया है। अब भाजपा के दिग्गज नेता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमला करने से बच रहे हैं, बल्कि उनका पूरा ध्यान अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार और उसके कामकाज को घेरने पर है।

क्यों बदला गया हमला करने का तरीका?

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने महसूस किया है कि ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना अक्सर पार्टी के लिए उल्टा पड़ जाता है। बंगाल की राजनीति में ‘दीदी’ की छवि एक जुझारू महिला नेता की है, और उन पर सीधा हमला मतदाताओं के बीच सहानुभूति (Sympathy Factor) पैदा कर देता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, अब रणनीति बदली गई है।

सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार पर फोकस

भाजपा के नए गेम प्लान के तहत, अब नेता केवल सरकारी नीतियों, भ्रष्टाचार के आरोपों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर बात करेंगे। पार्टी का मानना है कि ‘सरकार’ और ‘व्यक्ति’ के बीच अंतर पैदा करके ही सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) का फायदा उठाया जा सकता है। अब भाजपा के नारों और भाषणों में “ममता बनर्जी” के बजाय “TMC सरकार की विफलता” शब्द का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है।

आरक्षण और भर्ती घोटाले को बनाया हथियार

राज्य में हाल के वर्षों में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले और राशन वितरण में गड़बड़ी जैसे मुद्दों को भाजपा अब और आक्रामक तरीके से उठा रही है। भाजपा का लक्ष्य यह साबित करना है कि समस्या किसी एक चेहरे में नहीं, बल्कि पूरी शासन व्यवस्था में है। इस रणनीति से पार्टी को उम्मीद है कि वे उन तटस्थ मतदाताओं को अपनी ओर खींच पाएंगे जो ममता बनर्जी का सम्मान तो करते हैं लेकिन सरकार के काम से खुश नहीं हैं।

कार्यकर्ताओं को मिले नए निर्देश

बंगाल भाजपा इकाई ने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे सोशल मीडिया और जनसभाओं में भाषा की मर्यादा बनाए रखें। व्यक्तिगत कटाक्ष के बजाय आंकड़ों और तथ्यों के साथ सरकार को कटघरे में खड़ा करें। यह बदलाव खास तौर पर आगामी चुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है।

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