‘फ्लाइट में बम है’… 12 साल की बच्ची के एक मजाक से आसमान में मचा हड़कंप, अहमदाबाद से हैदराबाद आ रहे विमान में मची अफरातफरी
आसमान की ऊंचाइयों पर उड़ रहे एक कमर्शियल विमान के भीतर जब अचानक सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर बात सामने आती है, तो यात्रियों और एयरलाइंस स्टाफ की सांसें थम जाना लाजिमी है। ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला और चौंकाने वाला मामला हाल ही में भारतीय आसमान में देखने को मिला है, जब अहमदाबाद से हैदराबाद (Ahmedabad to Hyderabad Flight) आ रही एक इंडिगो या अन्य कमर्शियल उड़ान के दौरान अचानक हड़कंप मच गया। उड़ान के दौरान महज 12 साल की एक स्कूली छात्रा ने अपने सहपाठी से मजाक में कह दिया कि ‘फ्लाइट में बम है’। इस एक छोटे से वाक्य ने विमान के भीतर और जमीन पर बैठे सुरक्षा तंत्र में भूचाल ला दिया। आइए जानते हैं कि इस सनसनीखेज घटना के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है और विमान के लैंड होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कैसे स्थिति को संभाला।
आसमान में उड़ते विमान में बच्ची के एक वाक्य से मची अफरातफरी
घटना शनिवार की है, जब अहमदाबाद से हैदराबाद के लिए एक नियमित उड़ान भरी गई थी। इस विमान में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और उनके शिक्षक सवार थे, जो अपने स्कूल के शैक्षणिक दौरे (School Trip) के बाद सुरक्षित अपने घर लौट रहे थे। इन्हीं छात्रों में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 12 वर्षीय बच्ची भी शामिल थी।
सफर के दौरान बच्चे आपस में बातचीत कर रहे थे और मस्ती कर रहे थे। इसी दौरान उस नाबालिग छात्रा ने अपने पास ही बैठे एक सहपाठी से मजाक-मजाक में यह कह दिया कि ‘फ्लाइट के अंदर बम है’। बच्ची ने यह बात पूरी तरह से एक सामान्य मजाक के तौर पर कही थी, और शायद उसे यह अंदाजा भी नहीं था कि उसके इस नासमझ मजाक के कितने गंभीर परिणाम हो सकते हैं। लेकिन विमान के संवेदनशील माहौल में सुरक्षा सबसे पहले आती है, और यही बात इस घटना में भी साबित हुई।
केबिन क्रू की सतर्कता और पायलट द्वारा तुरंत इमरजेंसी अलर्ट जारी
बच्ची द्वारा कही गई यह बात विमान के गलियारे से गुजर रहे एक केबिन क्रू (Cabin Crew) सदस्य के कानों तक पहुंच गई। क्रू मेंबर ने जब यह सुना, तो उसने बिना एक पल गंवाए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए तुरंत इसकी जानकारी विमान के मुख्य पायलट (Pilot in Command) को दी।
आज के दौर में विमान के भीतर सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाती है। पायलट ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी सूचना दी और फुल इमरजेंसी अलर्ट घोषित कर दिया गया। आसमान में उड़ रहे विमान के भीतर सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया, जिससे यात्रियों के बीच अनजाने ही चिंता और तनाव का माहौल बन गया।
हैदराबाद एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद विमान की ली गई चप्पे-चप्पे की तलाशी
जैसे ही विमान ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की, तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उसे तुरंत एक आइसोलेशन बे (Isolation Bay) में ले जाया गया। विमान के रुकते ही सीआईएसएफ (CISF), स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) ने विमान को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया।
यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर विमान के चप्पे-चप्पे की बेहद बारीकी से गहन जांच की गई। यात्रियों के सामान से लेकर कार्गो और विमान के हर कोने की डॉग स्क्वॉड और आधुनिक उपकरणों से तलाशी ली गई। कई घंटों तक चली इस मैराथन जांच के बाद जब सुरक्षा बलों को कोई भी संदिग्ध, विस्फोटक या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली, तब जाकर प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली। यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया कि यह सिर्फ एक अफवाह और एक नासमझ बच्चे का किया गया मजाक था।
नाबालिग होने के कारण नहीं दर्ज हुआ केस, शिक्षकों ने की बच्ची की काउंसलिंग
विमान की गहन जांच के बाद जब यह साफ हो गया कि यह केवल एक बेवकूफाना मजाक था, तब पुलिस और विमानन अधिकारियों ने राहत की राहत महसूस की। स्थानीय पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चूंकि आरोपी छात्रा नाबालिग (Minor) है और उसने बिना किसी आपराधिक साजिश या दुर्भावना के अनजाने में यह बात कही थी, इसलिए उसके खिलाफ कोई भी औपचारिक आपराधिक मामला (FIR) दर्ज नहीं किया गया है।
हालांकि, इस घटना की गंभीरता को देखते हुए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। बाद में स्कूल के जिम्मेदार शिक्षकों और अधिकारियों ने बच्ची को अपने पास बैठाया, उसकी विधिवत काउंसलिंग (Counseling) की और उसे प्यार से समझाया कि सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर हवाई जहाजों या ट्रेनों के भीतर सुरक्षा को लेकर कभी भी इस तरह के भ्रामक मजाक या शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों और स्कूलों के लिए यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों को सार्वजनिक सुरक्षा और सोशल बिहेवियर के प्रति जागरूक करना कितना जरूरी है।
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