News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का आगाज़ आज भारी गहमागहमी और भीषण गर्मी के बीच हुआ। उत्तर बंगाल से लेकर जंगलमहल तक की 152 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि, आसमान से बरसती आग और 42-44 डिग्री तक पहुँचते पारे ने चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच, मुस्लिम बहुल इलाकों में भारी मतदान की खबरें आ रही हैं, जिसे लेकर सियासी गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है।
आसमान से आग, बूथ पर कतार: गर्मी ने बढ़ाई परीक्षा
मौसम विभाग ने बंगाल के कई जिलों में Heatwave (लू) का अलर्ट जारी किया है। इसके बावजूद मतदाताओं के उत्साह में कमी नहीं दिखी। सुबह 11 बजे तक करीब 41.11% मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग ने भीषण गर्मी को देखते हुए मतदान केंद्रों पर पानी, ओआरएस (ORS) और छाया की विशेष व्यवस्था की है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है, जिसका असर दोपहर के समय वोटिंग प्रतिशत पर पड़ सकता है।
मुस्लिम वोटर्स का रुझान: TMC या कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन?
पहले चरण में मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी आबादी है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, अल्पसंख्यक इलाकों में सुबह से ही रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मुस्लिम वोटों का बिखराव होता है, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को मिल सकता है। वहीं, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उम्मीद है कि ‘लक्ष्मी भंडार’ और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के दम पर महिला और अल्पसंख्यक वोटर उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
मतदाता सूची से नाम कटने पर ‘रार’, SIR ने बढ़ाई टेंशन
इस बार के चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा SIR (विशेष गहन संशोधन) बना हुआ है, जिसके तहत लाखों वोटर्स के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। विपक्षी दलों, विशेषकर टीएमसी ने आरोप लगाया है कि एक खास रणनीति के तहत अल्पसंख्यक और दलित वोटर्स को निशाना बनाया गया है। मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे जिलों में इसे लेकर काफी रोष देखा जा रहा है, जो सीधे तौर पर चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
शाह बनाम ममता: साख की लड़ाई
पहले चरण की इन 152 सीटों में से 2021 में भाजपा ने 59 और टीएमसी ने 93 सीटें जीती थीं। भाजपा इस बार उत्तर बंगाल के अपने गढ़ को बचाने के साथ-साथ दक्षिण बंगाल में सेंध लगाने की कोशिश में है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी चौथी पारी के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। शाम 6 बजे तक होने वाली इस वोटिंग के बाद तय होगा कि बंगाल की जनता ने ‘हैट्रिक’ को चुना है या ‘परिवर्तन’ को।
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