दिल्ली में 4 सितंबर तक बारिश का दौर जारी, यूपी-बिहार से मणिपुर तक 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; जानिए अपने राज्य का हाल

सितंबर की शुरुआत के साथ ही देश भर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर खिसकने के कारण उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर में मणिपुर तक 17 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरने) और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में आगामी 4-5 सितंबर तक बारिश और गरज-चमक का सिलसिला बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 1 सितंबर की शाम से लेकर 3-4 सितंबर के बीच राजधानी के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

  • उत्तर प्रदेश: मौसम विभाग ने पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। प्रयागराज, वाराणसी, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, अयोध्या, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। पश्चिमी यूपी (मेरठ, आगरा, अलीगढ़) में भी गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है।

  • बिहार: पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा और सुपौल समेत राज्य के 20 से अधिक जिलों में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान तेज हवाओं (50-60 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। किसानों को खुले खेतों में न जाने और बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में मानसून की सक्रियता के चलते जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है:

  • उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली और रुद्रप्रयाग में 1 से 5 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन (Landslides) और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक उछाल आने का खतरा बना हुआ है।

  • हिमाचल प्रदेश: शिमला, कुल्लू, मनाली, कांगड़ा, मंडी और सोलन में तेज आंधी के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और पर्यटकों को नदी तटों और ढलान वाले क्षेत्रों से दूर रहने की एडवाइजरी जारी की है।

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मानसूनी हवाएं भारी तबाही मचा सकती हैं। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 सितंबर तक व्यापक स्तर पर मूसलाधार बारिश जारी रहने की संभावना है। मणिपुर और असम की निचली घाटियों में लगातार बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति और जलभराव का खतरा गहरा गया है।

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कम दबाव के क्षेत्र के असर से भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी जिलों (जयपुर, कोटा, उदयपुर) में 1 से 5 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और केरल में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी-तूफान के दौरान लोगों से जलभराव वाले रास्तों से बचने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक वेदर एडवाइजरी देखने की अपील की है।

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