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- त्वीशा शर्मा मृत्यु मामले में गिरिबाला सिंह नई कानूनी पेचीदगियों में फंसीं।
- अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर।
- भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद की समीक्षा होने की संभावना।
- पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए ‘अंतिम नोटिस’ जारी किया।
समग्र समाचार सेवा
भोपाल, 22 मई: भोपाल की 33 वर्षीय त्वीशा शर्मा की संदिग्ध मौत को लेकर उनकी सास और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह नई कानूनी मुश्किलों में घिर गई हैं। खबरों के मुताबिक, गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द होने की संभावना बन रही है और इसके साथ ही भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनका पद भी समीक्षा के दायरे में आ गया है।
त्वीशा शर्मा के परिवार की ओर से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए एक आवेदन दायर किया गया है। परिवार का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच के लिए यह कानूनी कदम उठाया गया है।
इस घटना की जांच के तहत, पुलिस ने गिरिबाला सिंह को अपना बयान दर्ज कराने के लिए ‘तीसरा और अंतिम नोटिस’ जारी किया है। उन पर पिछले नोटिसों का जवाब न देने का भी आरोप लगा है। इस मामले को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी सरगर्मी तेज हो गई है।
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