जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक के समर्थन वाले इंस्टाग्राम वीडियो हटाने का दिया निर्देश Instructions given to remove Instagram videos supporting the Jantar Mantar student protest and Sonam Wangchuk

देशभर में नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक और धांधली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर अब प्रशासनिक सख्ती भी शुरू हो गई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने वाले छात्रों पर अब दबाव बढ़ता दिख रहा है। इसी कड़ी में प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने अपने छात्रों को निर्देश दिया है कि वे जंतर-मंतर के प्रदर्शनों के समर्थन में किए गए अपने इंस्टाग्राम वीडियो और पोस्ट तुरंत हटा लें, जिससे परिसरों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

डीन और फैकल्टी के निर्देश पर छात्रों को भेजा गया संदेश

आईआईटी मद्रास के एक छात्र ने गोपनीयता की शर्त पर जानकारी दी है कि संस्थान के डीन की ओर से कड़ा संज्ञान लेते हुए छात्रों को सोशल मीडिया से विरोध-प्रदर्शन से जुड़े वीडियो हटाने के लिए कहा गया है। छात्रों को मिले आंतरिक संदेश में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि इस मामले में फैकल्टी एडवाइजर को भी तलब किया गया था, जिसके बाद एकजुटता दिखाने वाले उन सभी वीडियो और पोस्ट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जिनमें छात्र जंतर-मंतर के आंदोलन का समर्थन कर रहे थे। प्रशासन का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र और युवा लगातार सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

वायरल वीडियो और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का बढ़ता दायरा

पूरा मामला तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर आईआईटी मद्रास के छात्रों का एक छोटा सा वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में कुछ छात्र एक बैनर के साथ नजर आ रहे थे, जिस पर जंतर-मंतर के प्रदर्शनों, सोनम वांगचुक के अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के साथ एकजुटता का संदेश लिखा हुआ था। आपको बता दें कि यह पूरा विरोध प्रदर्शन मूल रूप से अभिजीत दीपके द्वारा संचालित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नामक इंस्टाग्राम हैंडल से शुरू हुआ था, जो बाद में एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हजारों छात्रों के जुटने के बाद अब मुंबई समेत देश के अन्य प्रमुख महानगरों में भी छात्रों का यह आक्रोश सड़कों पर दिखाई देने लगा है, जिसके बाद अब तकनीकी शिक्षण संस्थानों ने भी अपने परिसरों में ऐसे पोस्ट्स को लेकर पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं।

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