कर्तव्य निभाते हुए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

देश भर में आज राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस (National Police Commemoration Day) के पावन अवसर पर उन वीर और साहसी पुलिसकर्मियों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने नागरिकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और राष्ट्र की अखंडता बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इस विशेष और गौरवशाली अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया और अपने आधिकारिक संदेश के जरिए कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने पुलिस बल के अदम्य साहस, सेवा भावना और राष्ट्र रक्षा के प्रति उनके अनवरत समर्पण की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि हमारे पुलिसकर्मियों का यह निस्वार्थ बलिदान देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत है।

राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिस बल न केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिन-रात मुस्तैद रहता है, बल्कि किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदा, आंतरिक सुरक्षा की चुनौती या मानवीय संकट के समय में भी अग्रिम पंक्ति (Frontline) पर खड़े होकर देशवासियों की ढाल बनता है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि अमर शहीदों का यह सर्वोच्च बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा और देश की आने वाली पीढ़ियां उनके इस शौर्य व निस्वार्थ सेवाभाव को हमेशा गर्व के साथ याद रखेंगी। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के शोकाकुल परिजनों के प्रति भी अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और देश की ओर से यह विश्वास दिलाया कि पूरा राष्ट्र इस कठिन घड़ी में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है।

पुलिस स्मृति दिवस के पावन मौके पर देश की राजधानी नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित भव्य राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (National Police Memorial) में एक गरिमामय और भव्य राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और देश भर की पुलिस व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर अमर जवान ज्योति और विशाल केंद्रीय पाषाण स्तंभ पर पुष्पचक्र (Wreath) अर्पित कर देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले अमर जवानों को अंतिम सलामी दी गई। इस अवसर पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ियों ने सलामी शस्त्र और शोक धुन बजाकर शहीद साथियों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट की।

21 अक्टूबर की यह तारीख भारतीय पुलिस के इतिहास में बेहद खास और शौर्य से भरी मानी जाती है। यह ऐतिहासिक दिन वर्ष 1959 में लद्दाख के दुर्गम और भीषण बर्फीले क्षेत्र ‘हॉट स्प्रिंग्स’ (Hot Springs) में घटी उस शौर्यगाथा की याद दिलाता है, जब केंद्रीय प्राथमिक पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महज 10 जांबाज जवानों की गश्ती टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने धोखे से भारी हथियारों से हमला कर दिया था। सीमित संसाधनों और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय जवानों ने पीठ दिखाने के बजाय चीनी सेना का डटकर मुकाबला किया और देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। तभी से हर साल 21 अक्टूबर को उन सभी पुलिसकर्मियों की याद में राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पुलिस लाइन, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और देश के सभी राज्यों के पुलिस मुख्यालयों में भी पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर विशेष परेड और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। राज्यों के मुख्यमंत्रियों, पुलिस महानिदेशकों (DGP) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद पुलिसकर्मियों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। इस मौके पर कई जिलों में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को सम्मानित भी किया गया और उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया गया। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे शहीदों के दिखाए गए सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलते हुए समाज में शांति और सुरक्षा की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे।

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