अगले 7 दिनों में दिल्ली-यूपी समेत 25 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का तांडव, मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट
चिलचिलाती गर्मी और भीषण लू से परेशान देशवासियों के लिए मौसम के मोर्चे से बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है और यह देश के बड़े हिस्से को तेजी से अपनी आगोश में ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून ने अरब सागर के कई नए हिस्सों के साथ-साथ महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अधिकांश इलाकों में जोरदार दस्तक दे दी है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले 7 दिनों के भीतर उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर तक देश के लगभग 25 राज्यों में बादलों की भयंकर गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का दौर देखने को मिलेगा।
एक्टिव हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ओले गिरने की चेतावनी
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अगले कुछ दिन बेहद उथल-पुथल भरे साबित हो सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर एक नया और बेहद शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक्टिव हो रहा है। इसके प्रभाव से देश की राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 11 और 12 जून को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। इन राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तबाही मचाने वाली धूलभरी आंधी चलने और कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि होने की आशंका है। इसके बाद 11 से 14 जून के बीच इन सभी राज्यों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
यूपी, एमपी, बिहार और झारखंड में आंधी का तांडव, जानें आपके राज्य में कब होगी झमाझम बारिश
मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी कुदरत का अलग रूप देखने को मिलने वाला है। उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो यहां 10 से 14 जून के बीच गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जबकि पूर्वी यूपी में 12 जून को विशेष रूप से तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 9 से 14 जून के बीच आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और तेज बौछारें पड़ेंगी। पड़ोसी राज्य बिहार में 10 से 12 जून और ओडिशा में 11-12 जून को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। वहीं झारखंड और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में 10 से 12 जून के बीच भयंकर आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा मंडरा रहा है।
जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश, मैदानी इलाकों में चलेंगी तेज हवाएं
पहाड़ों की सैर करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए भी आईएमडी ने जरूरी गाइडलाइन जारी की है। पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 11 और 12 जून को तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। पहाड़ों पर होने वाली इस हलचल का सीधा असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ेगा। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में 13 और 14 जून के दौरान लगातार तेज और ठंडी हवाएं चलती रहेंगी, जिससे मौसम सुहाना बना रहेगा।
दक्षिण भारत में मानसून का भयंकर रूप, कर्नाटक और केरल में रेड अलर्ट जैसी स्थिति
जहां उत्तर भारत में आंधी-तूफान का दौर रहेगा, वहीं दक्षिण भारत के राज्य मानसून की बारिश से सराबोर हो रहे हैं। केरल और कर्नाटक में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते आज 9 जून को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक के हिस्सों में 11 जून तक लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में 12 जून तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात के साथ मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है।
पूर्वोत्तर के इन 7 राज्यों में अगले 7 दिनों तक आफत की बरसात, बाढ़ जैसे हालात की आशंका
पूर्वोत्तर भारत (North-East India) और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मानसून इस समय अपने सबसे रौद्र रूप में है। मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया है कि असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 7 दिनों यानी 14 जून तक बिना रुके लगातार भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। लगातार होने वाली इस मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं, जिसके मद्देनजर स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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