जी के कलाकारों ने क्या कहा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जाने 

रोहिताश गौड़ उर्फ ‘भाबीजी घर पर हैं’ के तिवारीजी
‘‘हर स्वतंत्रता दिवस मैं देश और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जो वीरता का काम किया है उसके बारे में कुछ नया जानने की कोशिश करता हूं। हम उनके किस्से सुनते हुए बड़े हुए हैं, मुझे लगता है कि इस पीढ़ी को भी भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद जैसे वीरों और उन सब लोगों के के बारे में जानने की तीव्र इच्छा होनी चाहिये, जिन्होंने इस देश को रहने योग्य बनाया है। मेरा विश्वास है कि उनकी कहानियां सुनकर और उन्होंने अमानवीय स्थितियों का विरोध करते हुए, देश की स्वतंत्रता के लिये किस तरह लड़ाइयां लड़ीं वह अपने आप में देशभक्ति की भावना पैदा करती हैं। इन वीरों ने हमारे लिये भारत को बेहतर आज देने के लिये काफी बलिदान दिया है। मुझे लगता है कि इंसानों के बीच बराबरी की पवित्रता को बरकरार रखते हुए हम उन्हें भेंट देने का सबसे सही तरीका है। हमने 72 साल पहले अंग्रेजों के खिलाफ एक लड़ाई का अंत किया था, मुझे लगता है कि अब हमें धर्म, जाति और रंग के आधार पर दूसरी लड़ाई का अंत करने का समय आ गया है। एक धर्मनिरपेक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने का यही एकमात्र रास्ता है।’’

 

अयाज़ अहमद उर्फ ‘अग्निफेरा’ के बिज्जू
‘‘स्वतंत्रता दिवस हमेशा ही स्कूल के पुराने दिनों की याद दिलाता है जब हम सम्मान में खड़े होते थे, हमारे राष्ट्रीय ध्वज को नमन करते थे। उस दौरान झंडा फहराने के साथ कई सारे सांस्कृति कार्यक्रम होते थे, जिनमें हम हिस्सा लिया करते थे। हालांकि, जब मैं बड़ा हुआ और सेना में तैनात कुछ दोस्तों से जुड़ा तो सही मायने में स्वतंत्रता का मतलब समझ में आया। साथ ही यह बात समझ आई कि किस तरह हर कदम पर हमें इसका मान रखने की जरूरत है। स्वतंत्रता का मतलब मेरे लिये हर रूप में समानता है। जहां हर इंसान अपने लिंग, जाति, रंग और आय से अलग समान हो। जहां लोग खुद को समाज का वंचित हिस्सा ना मानकर अपना अधिकार पा सकें। जिस दिन से हम फर्क करना छोड़ देंगे, तभी हम सही मायने में आज़ाद होंगे। एक भारतीय होने के नाते मुझे इस देश का नागरिक होने पर गर्व है और मैं सबसे यही गुजारिश करना चाहूंगा कि देशभक्ति को जिंदा रखें और इस देश को एक बेहतर जगह बनाने में योगदान देते रहें। मैं सबको को देश की आजादी के 72वें दिवस की शुभकामनाएं देता हूं।’’

 

राहुल शर्मा उर्फ ‘लक्ष्मण रेखा’ के विशेष
‘‘मैं काफी समय से दिल्ली के परेड में शामिल होना चाह रहा हूं और उम्मीद कर रहा था कि मेरी यह मुराद इस स्वतंत्रता दिवस में पूरा हो जायेगी। लेकिन अब चूंकि, मैं ‘मिटेगी लक्ष्मण रेखा’ की शूटिंग में व्यस्त रहूंगा, इसलिये उसकी बजाय मैं स्कूल के कुछ बच्चों के साथ वक्त बिताऊंगा। इस दिन वह जिस तरह का परेड करते हैं उससे किसी के भी अंदर देशभक्ति की भावना भर जाती है और मेरा मानना है कि इस दिन को मानने का यह दूसरा सबसे अच्छा तरीका है। हमारे सभी स्वतंत्रता सेनानियों ने हमें भारत की स्वतंत्रता का 72वां दिवस बनाने का मौका दिया है। इसके अलावा, इस अवसर का जश्न मनाने के दौरान उनके साथ वक्त बिताना स्कूल के दिनों में ले जाता है, जहां हम देश के वीरों के किस्से सुना करते थे। साथ ही उनके बलिदानों के बारे में भी। एक नागरिक के तौर पर उन्होंने देश के लिये जो किया उसे याद करते हुए मेरा मानना है कि हम कम से कम अपने शहर की स्वच्छता और पवित्रता बनाये रखें। मेरा मानना है कि वर्तमान स्थिति में, एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर देश के लिये यह हमारा सबसे बड़ा योगदान हो सकता है।’’

 

प्रकृति मिश्रा उर्फ ‘बिट्टी बिजनेस वाली’ की बिट्टी
‘‘हमारे देश में देशभक्ति की भावना केवल एक दिन तक सीमित नहीं होनी चाहिये। व्यक्तिगत तौर पर सपनों का भारत बनाने की दिशा में अपना योगदान देने के लिये कई सारी चीजें हैं। इस स्वतंत्रता दिवस पर, मैं अपने सैनिकों के लिये प्रार्थना करना चाहती हूं और उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने हमारी कल्पनाओं से भी परे हमारी सुरक्षा के लिये बलिदान दिये हैं। साथ ही उनके परिवार को भी जो उनके साथ खड़े हैं और इस महान कार्य में उनका साथ दे रहे हैं। इसके लिये काफी हिम्मत जरूरत है कि अपने किसी करीबी को सीमा पर देश के लिये लड़ते हुए देखें। हमारे असली हीरोज और उनके परिवार को मेरा नमन और सारी शुभकामनाएं, जय हिन्द!’’

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