तमिलनाडु : यदि मेरी पार्टी सत्ता में आई तो राज्य नहीं लागू होगा सीएए और कृषि कानून : एमके स्टालिन

न्यूज़ डेस्क : तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी द्रमुक यानी डीएमके के प्रमुख एमके स्टालिन ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो राज्य में सीएए को लागू नहीं करने दिया जाएगा।

 

 

 

स्टालिन ने सीएए के मुद्दे पर संसद में भाजपा का ‘समर्थन’ करने को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की आलोचना की। कहा कि यदि अन्नाद्रमुक और राज्यसभा में पीएमके के एकमात्र सदस्य ने संबद्ध विधेयक के खिलाफ मतदान किया होता, तो सीएए अस्तित्व में नहीं आया होता। उन्होंने कहा कि पूरे देश में अल्पसंख्यकों की ‘दुर्दशा’ के लिए दोनों दलों (भाजपा और अन्नाद्रमुक) को दोषी ठहराया जाना चाहिए। 

 

 

 

स्टालिन ने जोलारपेट में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक पर चुनाव से पहले नाटक करने का आरोप लगाया और याद दिलाया कि उनकी पार्टी ने पहले सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था और इसके खिलाफ बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। उन्होंने कहा, ‘मैं आश्वासन देता हूं। हम सत्ता में आने वाले हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। इसलिए सत्ता में आने के बाद हम तमिलनाडु में इस सीएए (लागू होने) नहीं देंगे। यह स्टालिन द्वारा दिया गया आश्वासन है।’

 

 

 

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने संसद में विधेयक का विरोध किया था। अन्नाद्रमुक ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने और तीन तलाक को खत्म करने जैसे मुद्दों पर भाजपा का समर्थन किया था, लेकिन अब वह अल्पसंख्यकों की रक्षक होने का नाटक कर रही है। उन्होंने केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित नहीं करने को लेकर भी मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी की आलोचना की। बता दें, दिल्ली के शाहीन बाग सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे। 

 

 

 

डीएमके नेता राजा ने मांगी सीएम पलानीसामी से माफी

इस बीच, राज्य की विपक्षी पार्टी डीएमके के नेता ए. राजा ने एक चुनावी रैली में सीएम पलानीस्वामी को ‘अवैध संतान’ बता दिया। उनकी इस आपत्तिजनक टिप्पणी से सीएम भावुक हो गए और रो पड़े। ऐसे में राजा ने बाजी हाथ से निकलते देख सोमवार को माफी मांगकर मामले का पटाक्षेप करने का प्रयास किया। राजा ने कहा कि एक चुनावी सभा में सीएम पलानीस्वामी के भावुक होने से मैं आहत हूं। मेरा इरादा उन पर निजी हमले का नहीं था, लेकिन मैं सिर्फ उनके राजनीतिक करियर को लेकर तुलना कर रहा था।

 

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