LPG संकट के बीच मोदी सरकार का बड़ा कदम राज्यों को निर्देश PNG पाइपलाइन के लंबित आवेदनों को तुरंत दें मंजूरी
News India Live, Digital Desk: वैश्विक ऊर्जा बाजार में मची उथल-पुथल और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच, भारत सरकार अब घरों में पाइप के जरिए गैस (PNG) पहुंचाने के काम में तेजी लाना चाहती है।
1. राज्य सरकारों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
त्वरित मंजूरी: पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि पीएनजी पाइपलाइन बिछाने और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जितने भी आवेदन (Right of Way – RoW) लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
बाधाओं को दूर करना: स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों द्वारा लगाए जा रहे अवरोधों को खत्म करने को कहा गया है ताकि गैस वितरण कंपनियां (जैसे IGL, MGL, Adani Gas) तेजी से घरों तक कनेक्शन पहुँचा सकें।
विकल्प के रूप में PNG: सरकार का मानना है कि यदि अधिक से अधिक घरों को PNG से जोड़ दिया जाएगा, तो सिलेंडर वाले एलपीजी (LPG) पर निर्भरता कम होगी, जिससे संकट के समय आपूर्ति प्रबंधन आसान हो जाएगा।
2. LPG उपभोक्ताओं के लिए नए नियम (मार्च 2026)
एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कुछ सख्त नियम भी लागू किए हैं:
सिलेंडर सरेंडर करना अनिवार्य: जिन घरों में PNG कनेक्शन पहुँच चुका है, उन्हें अपना घरेलू एलपीजी सिलेंडर तुरंत सरेंडर करना होगा। अब वे दोनों कनेक्शन साथ नहीं रख पाएंगे।
बुकिंग अंतराल: सिलेंडर की किल्लत और ‘पैनिक बुकिंग’ को रोकने के लिए, शहरी क्षेत्रों में दो सिलेंडरों के बीच 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतर अनिवार्य कर दिया गया है।
जमाखोरी पर लगाम: राज्यों को जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ एस्मा (ESMA) के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. संकट का कारण और सरकार का आश्वासन
कारण: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण समुद्री रास्तों से आने वाले एलपीजी शिपमेंट में देरी हो रही है।
आश्वासन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस का पर्याप्त स्टॉक है और रिफाइनरियां 100% क्षमता पर काम कर रही हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराकर (Panic) बुकिंग न करें।
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