Heavy Rains Lash Kerala, Yet Monsoon Entry Delayed: Check IMD’s Latest Update केरल में झमाझम बारिश फिर भी मॉनसून की एंट्री में देरी,जानें IMD का नया अपडेट

दक्षिण भारतीय राज्य केरल में बादलों ने डेरा डाल दिया है और बारिश का दौर भी लगातार जारी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक देश में मॉनसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा नहीं हो सकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2025 की तुलना में इस बार मॉनसून की बारिश में करीब 5 दिन की देरी हो चुकी है। आमतौर पर केरल में मॉनसून के दस्तक देने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है, लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस बार अनुमान जताया था कि मॉनसून 26 मई तक ही एंट्री कर लेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर केरल में बादल बरसने के बाद भी मॉनसून को अटका हुआ क्यों माना जा रहा है? आइए जानते हैं क्या है मौसम की ताजा स्थिति।

अभी कहां अटका है मॉनसून और कब बढ़ेगा आगे?

मौसम विभाग (IMD) की ओर से शुक्रवार को जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मॉनसून के अरब सागर, लक्षद्वीप क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। 28 मई तक की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून श्रीलंका समेत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को पूरी तरह कवर कर चुका है।

अंडमान के बाद अब अगला नंबर केरल और तमिलनाडु का ही है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो भले ही केरल में शुरुआती सुस्ती दिख रही हो, लेकिन जून के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार पकड़ेगी और यह पूरे देश को अपनी आगोश में ले लेगा।

दो बड़े विलेन की वजह से रूठा मॉनसून, जानिए देरी की असली वजह

एक प्रतिष्ठित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केरल के मुहाने पर आकर मॉनसून के कमजोर पड़ने या इसमें देरी होने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े मौसमी कारण जिम्मेदार हैं:

  • पहला कारण: पश्चिम प्रशांत महासागर में इस समय एक शक्तिशाली तूफान आकार ले रहा है। यह तूफान अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी को अपनी तरफ खींच रहा है, जिससे मॉनसून के बादलों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी ऊर्जा नहीं मिल पा रही है।

  • दूसरा कारण: लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर एक चक्रवातीय हवाओं का क्षेत्र (चक्रवात) तैयार हो रहा है। इस सिस्टम की वजह से केरल के तटीय इलाकों में जैसी मूसलाधार और लगातार बारिश होनी चाहिए, वैसी नहीं हो पा रही है।

एक्सटेंडेड रेंज फोरकास्ट (ERF) के मुताबिक, 28 मई से 4 जून के बीच केरल के कुछ हिस्सों में मौसम थोड़ा शुष्क रह सकता है, जबकि 4 से 11 जून के बीच इसमें सुधार होगा। असल मायने में मॉनसून की बारिश 11 जून के बाद ही अपनी असली रफ्तार पकड़ेगी।

दिल्ली में बदला मौसम का मिजाज, आंधी और झमाझम बारिश का अलर्ट

एक तरफ जहां केरल में मॉनसून का इंतजार है, वहीं देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में गुरुवार शाम को हुई झमाझम बारिश ने मौसम खुशनुमा कर दिया है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, राजस्थान के उत्तरी भागों में गरज-चमक के साथ शुरू हुआ सिस्टम अब दिल्ली तक पहुंच चुका है।

शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में आंधी और बारिश की तीव्रता में और अधिक इजाफा होने के आसार हैं। राहत की बात यह है कि बारिश का यह दौर 30 मई तक लगातार जारी रह सकता है। इसके बाद 30 और 31 मई को यह वेदर सिस्टम गुजरात की ओर शिफ्ट हो जाएगा। पलावत ने यह भी बताया कि इस बार की प्री-मॉनसून बारिश अप्रैल और मई की शुरुआत में हुई बारिश से कहीं ज्यादा तेज होगी, जिससे पूरे दिल्ली-एनसीआर को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

यूपी, बिहार और अन्य राज्यों में कब बरसेंगे बदरा?

मौसम विभाग (IMD) ने देश के अन्य राज्यों के लिए भी बारिश का अनुमान जारी किया है। इसके मुताबिक:

  • उत्तर प्रदेश और राजस्थान: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 मई को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में 31 मई से 2 जून और पूर्वी राजस्थान में 31 मई से 3 जून के बीच धूलभरी आंधी के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

  • पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर में 30 मई, हिमाचल प्रदेश में 29 मई और उत्तराखंड में 29 व 30 मई को पहाड़ों पर बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

  • पूर्वी भारत: बिहार में 30 मई, जबकि झारखंड और ओडिशा में 29 से 31 मई के बीच मौसम का मिजाज बदलेगा। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी 29 मई को गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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