FSSAI का बड़ा एक्शन: नेस्ले, पेप्सिको, कोका-कोला समेत दिग्गज कंपनियों को 150 से ज्यादा नोटिस, अमेजन का वेयरहाउस लाइसेंस रद्द और डोमिनोज पर गिरी गाज

देश भर में बिकने वाले पैकेज्ड खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता और पैकेट पर लिखे दावों की सत्यता को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अब तक का सबसे बड़ा और आक्रामक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर दिया है। एफएसएसएआई ने हाल के महीनों में खाद्य सुरक्षा कानूनों, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और विज्ञापनों में किए जाने वाले भ्रामक दावों (False and Misleading Claims) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 150 से अधिक फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नियामक ने केवल नोटिस तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन के एक वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द कर दिया है और मशहूर पिज्जा चेन डोमिनोज के पांच आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।

नेस्ले, पेप्सिको और कोका-कोला समेत वैश्विक एफएमसीजी दिग्गज रडार पर

खाद्य सुरक्षा नियामक द्वारा सार्वजनिक की गई जानकारी के अनुसार, इस जांच और कार्रवाई के दायरे में देश-विदेश के कई बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड्स आए हैं।

नियामक की सूची में मुख्य रूप से नेस्ले इंडिया, पेप्सिको इंडिया, कोका-कोला इंडिया, एबॉट इंडिया, मोंडेलेज इंडिया, रेड बुल इंडिया, डैनोन इंडिया, मॉन्स्टर एनर्जी इंडिया, हेल एनर्जी, डियाजियो, पेरनोड रिकार्ड, फेरेरो इंडिया और केनव्यू इंक शामिल हैं। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि ये नोटिस उत्पादों के पैकेट पर किए जाने वाले पोषण संबंधी दावों, प्राकृतिक व स्वास्थ्यवर्धक होने के भ्रामक वादों और लेबलिंग से जुड़े अनिवार्य मानकों की अनदेखी के चलते जारी किए गए हैं। इसके साथ ही नियामक ने कई कंपनियों के अनधिकृत व नियमों के विपरीत पाए गए बैचों के उत्पादों को भी तत्काल प्रभाव से जब्त (Seize) किया है।

एनर्जी ड्रिंक्स और मादक पेय पदार्थों पर विशेष निगरानी

एफएसएसएआई के अनुसार, इस पूरे अभियान के दौरान सबसे ज्यादा सख्त निगरानी एनर्जी ड्रिंक्स (Energy Drinks) और अल्कोहलिक बेवरेज (मादक पेय) निर्माताओं पर रखी जा रही है।

बाजार में युवाओं को लुभाने के लिए ऊर्जा, स्टैमिना और कैफीन की मात्रा को लेकर अक्सर भ्रामक और अतिरंजित दावे किए जाते हैं। नियामक ने स्पष्ट किया है कि ऐसे पेय पदार्थों में कैफीन का स्तर, चेतावनी संदेश (Warning Labels) और गैर-अल्कोहलिक के नाम पर बेचे जा रहे ड्रिंक्स के वास्तविक अवयवों की कड़ाई से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले कई एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स के स्टॉक को बाजारों से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर शिकंजा: अमेजन का वेयरहाउस लाइसेंस रद्द

डिजिटल दौर में ऑनलाइन ग्रॉसरी और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर भी खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर कड़ा कदम उठाया गया है।

नियामक ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस अमेजन इंडिया और फ्लिपकार्ट को कुल 12 नोटिस थमाए हैं।

जांच के दौरान एक्सपायर्ड उत्पाद मिलने, अनुचित स्टोरेज परिस्थितियों और सुरक्षा मानकों की कमी पाए जाने पर अमेजन के एक प्रमुख वेयरहाउस का लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। नियामक ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर किसी भी अनरजिस्टर्ड वेंडर या एक्सपायरी के नजदीक पहुंचे खाद्य पदार्थों की बिक्री को तत्काल प्रभाव से रोकें।

फास्ट फूड चेन्स पर बड़ा प्रहार: डोमिनोज के 5 लाइसेंस सस्पेंड

रेस्तरां और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेगमेंट भी नियामक के कड़े एक्शन से अछूते नहीं रहे हैं।

एफएसएसएआई ने देश की प्रमुख फूड सर्विस चेन्स—केएफसी (KFC), मैकडॉनल्ड्स (McDonald’s), पिज्जा हट (Pizza Hut), डोमिनोज (Domino’s) और कोस्टा कॉफी (Costa Coffee)—को 30 से अधिक नोटिस जारी किए हैं।

किचन में स्वच्छता के मानकों, उपयोग किए जाने वाले कुकिंग ऑयल की गुणवत्ता (Total Polar Compounds – TPC लेवल) और पनीर व चीज के नाम पर एनालॉग्स के इस्तेमाल की जांच के बाद डोमिनोज के 5 आउटलेट्स के फूड लाइसेंस निलंबित (Suspend) कर दिए गए हैं। इससे पहले पिछले साल भी नियामक ने कई फाइव-स्टार होटलों के किचन की औचक जांच कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए थे।

कंपनियों ने शुरू किए सुधारात्मक कदम, ग्राहकों के लिए स्पष्ट संदेश

नियामक द्वारा की गई इस चौतरफा और सख्त कार्रवाई का असर भी दिखना शुरू हो गया है। एफएसएसएआई के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद कई दिग्गज कंपनियों ने अपने विज्ञापनों में बदलाव करना, पैकेजिंग से भ्रामक टैगलाइंस हटाना और लेबलिंग को भारतीय मानकों के अनुरूप संशोधित करने के सुधारात्मक कदम (Corrective Actions) उठाने शुरू कर दिए हैं।

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई बड़ा ब्रांड अपने उत्पाद पर ‘100% नेचुरल’, ‘शुद्ध’ या ‘हेल्थ बूस्टर’ का दावा करता है, तो उपभोक्ता उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं। एफएसएसएआई का यह सख्त एक्शन न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और अधिकारों की रक्षा करेगा, बल्कि बाजार में निष्पक्ष और पारदर्शी प्रतिस्पर्धा को भी मजबूती देगा।

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