ED Launches Massive Early-Morning Operation in Bengal: Extensive Raids Conducted from Kolkata to Murshidabad Following the Arrest of a Former DCP. बंगाल में ED का तड़के सुबह महा-एक्शन ,पूर्व DCP की गिरफ्तारी के बाद कोलकाता से मुर्शिदाबाद तक भारी छापेमारी

पश्चिम बंगाल में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार तड़के एक बड़े जबरन वसूली (Extortion) और भूमि हड़पने के रैकेट के खिलाफ चौतरफा धावा बोल दिया है। कोलकाता पुलिस के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास की गिरफ्तारी के ठीक अगले दिन, ईडी की कई टीमों ने राज्य भर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है। इस पूरे रैकेट के तार कुख्यात ‘सोना पप्पू’ नेटवर्क और कई रसूखदार अधिकारियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। शुक्रवार सुबह 6 बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद से ही बंगाल के प्रशासनिक और व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

सुबह 6 बजे एक साथ पड़े छापे, रडार पर आए पुलिस अफसर और कारोबारी

ईडी के अधिकारियों ने पूरी प्लानिंग के साथ शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे कोलकाता और मुर्शिदाबाद में कई ठिकानों पर एक साथ दस्तक दी। केंद्रीय सुरक्षा बलों (केंद्रीय अर्धसैनिक बलों) की कड़क सुरक्षा के बीच शुरू हुई इस छापेमारी में जांच एजेंसी के निशाने पर पुलिस विभाग के अधिकारी, बड़े कारोबारी और उनसे जुड़े ठिकाने हैं।

कोलकाता के चक्रबेरिया, रॉयड स्ट्रीट और कस्बा इलाकों में तीन मुख्य जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है:

  • चक्रबेरिया: यहां ईडी के अधिकारी बड़े कारोबारी अतुल कटारिया के आवास पर मौजूद हैं और उनके वित्तीय दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं।

  • रॉयड स्ट्रीट: इस इलाके में स्थित एक नामी होटल पर ईडी की टीम ने दबिश दी है, जिसका संबंध इस रैकेट से बताया जा रहा है।

  • कस्बा: कोलकाता पुलिस के एक वर्तमान सब-इंस्पेक्टर के घर पर भी ईडी की टीम तलाशी ले रही है, जिससे पुलिस महकमे में खलबली मची है।

मुर्शिदाबाद में पूर्व DCP के घर पहुंची टीम, 10 घंटे की पूछताछ के बाद हो चुके हैं गिरफ्तार

कोलकाता के अलावा ईडी की एक और टीम मुर्शिदाबाद के कांडी पहुंची है। वहां कोलकाता पुलिस के पूर्व उपायुक्त (DCP) शांतनु सिन्हा बिस्वास के पैतृक आवास पर सघन छापेमारी की जा रही है।

गौरतलब है कि ईडी ने लंबी लुका-छिपी के बाद बृहस्पतिवार को ही पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में कोलकाता पुलिस के सुरक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात विश्वास को साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (ED ऑफिस) में करीब 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ करने के बाद हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, बिस्वास सरकारी व्यस्तताओं का हवाला देकर कई बार ईडी के समन को टाल चुके थे, जिसके बाद एजेंसी को उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी करना पड़ा था।

‘सोना पप्पू’ नेटवर्क और व्हाट्सएप चैट ने खोले राज

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “शांतनु सिन्हा बिस्वास से ‘सोना पप्पू’ नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर जमीन हड़पने, व्यापारियों से जबरन वसूली करने और करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पूछताछ की जा रही थी। हालांकि, पूछताछ के दौरान उन्होंने बार-बार सीधे जवाब देने से परहेज किया और जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं किया।”

जांचकर्ताओं के हाथ कुछ ऐसी पुख्ता व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chats) लगी हैं, जो पूर्व डीसीपी के अपराध में शामिल होने की गवाही दे रही हैं। पूछताछ के दौरान जब विश्वास के सामने ये चैट रखी गईं, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा, जांच एजेंसी व्यवसायी जय कामदार के साथ भी उनके कथित संबंधों की कड़ियों को जोड़ रही है, जिसे ‘सोना पप्पू’ का बेहद करीबी और इस सिंडिकेट का मुख्य मोहरा माना जाता है। आपको बता दें कि कालीघाट पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (OC) रह चुके शांतनु सिन्हा विश्वास पहले भी कई विवादों और जांच के दायरे में रहे हैं।

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