नई दिल्ली । कल (मंगलवार), 10 अक्टूबर से दिल्ली मेट्रो के किराए में इजाफा होने जा रहा है। किराया बढ़ोतरी के मद्देनजर अब मेट्रो के जरिये पांच किमी से ज़्यादा लंबा सफर करने के लिए 10 रुपये अधिक देने होंगे। वहीं, अधिकतम किराया भी 50 से बढ़कर 60 रुपये हो जाएगा।
डीएमआरसी ने पहले ही एलान कर दिया है कि 10 अक्तूबर से मेट्रो का किराया बड़ जाऐगा। मेट्रो का न्यूनतम किराया 10 रुपये ही रहेगा, मगर जहा अधिकतम किराया 50 हुआ करता था वो अब 10 अक्तूबर से बढ़कर 60 रुपये हो जाऐगा। डीएमआरसी बोर्ड ने दूसरे चरण में किराया वृद्धि को 10 अक्तूबर से लागू करने को मंजूरी दे दी है।
वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार 10 अक्टूबर से दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के किराया वृद्धि प्रस्ताव का लगातार विरोध कर रही है। डीएमआरसी इस वर्ष मई के बाद दूसरी बार मेट्रो का किराया बढ़ा रही है। इस बाबत सोमवार को दोपहर विधानसभा में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने प्रस्तावित मेट्रो किराया वृद्धि पर एक प्रस्ताव पेश किया।
दिल्ली विस से जबरन निकाले गए भाजपा के दो विधायक
मेट्रो किराया वृद्धि को लेकर बुलाए गए एक दिवसीय दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में बहस के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया, जबकि भाजपा के अन्य दो विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया।
आरोप है कि चर्चा के दौरान मजिंदर सिंह सिरसा और ओम प्रकाश शर्मा लगातार व्यवधान पैदा कर रहे थे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर मार्शलों ने दोनों को सदन से बाहर कर दिया।

विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहकर दोनों विधायकों को सदन से बाहर कर दिया कि इस प्रस्ताव पर चर्चा कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि मंगलवार से ही किराए में वृद्धि हो रही है। इसके बाद विरोध स्वरूप दो अन्य भाजपा विधायक जगदीश प्रधान और विजेंद्र गुप्ता सदन से बहिर्गमन कर गए।
परिवहन मंत्री गहलोत ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पेश किया था, जिसमें शहरी विकास मंत्रालय से प्रस्तावित गैरकानूनी एवं जनविरोधी किराया वृद्धि के खिलाफ त्वरित एवं तत्कालिक हस्तक्षेप करने की मांग की गई थी।
News Source: jagran.com
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