Delhi HC Judge Transfer News: पेपर लीक की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज बदले, राउज एवेन्यू कोर्ट में 138 जजों का बंपर तबादला
राजधानी दिल्ली की न्यायिक प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, त्वरित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बड़ा और अभूतपूर्व प्रशासनिक कदम उठाया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस (DHJS) के 138 न्यायिक अधिकारियों और जजों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इस व्यापक फेरबदल के तहत राजधानी की विभिन्न जिला अदालतों से लेकर विशेष अदालतों के जजों के प्रभार में फेरबदल किया गया है। इस पुनर्गठन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा देश की सबसे चर्चित राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत परिसर से जुड़ा हुआ है, जहां कुल 13 जजों की नई तैनाती की गई है। ये जज आतंकवाद विरोधी कानून (UAPA), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA Act), नारकोटिक्स (NDPS Act) और संगठित अपराध नियंत्रण कानून (MCOCA) जैसे अति-संवेदनशील और गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई का जिम्मा संभालेंगे।
पेपर लीक मामलों के लिए बनी स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के बदले जज: अब अजय गुप्ता करेंगे सुनवाई
देशभर के लाखों युवाओं और परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़े सार्वजनिक परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत की कमान अब नए हाथों में सौंप दी गई है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली और नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक से संबंधित मुकदमों के निपटारे के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्पेशल जज अनु ग्रोवर बालिगा का स्थानांतरण कर दिया गया है। उनकी जगह अब वरिष्ठ स्पेशल जज अजय गुप्ता को पेपर लीक से जुड़े सभी आपराधिक मुकदमों की सुनवाई का विशेष प्रभार सौंपा गया है। जज अजय गुप्ता अब इस विशेष अदालत की कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगे और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग तथा संगठित धांधली के तहत दर्ज मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।
राउज एवेन्यू कोर्ट में 6 विशेष एक्सक्लूसिव NIA कोर्ट गठित: 4 अगस्त से शुरू होगा कामकाज
आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुकदमों की त्वरित सुनवाई के उद्देश्य से दिल्ली हाईकोर्ट ने राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में नई ‘स्पेशल एक्सक्लूसिव एनआईए कोर्ट’ (Special Exclusive NIA Courts) की स्थापना की है। हाईकोर्ट के आदेश के तहत 6 वरिष्ठ जजों को इन विशेष एनआईए अदालतों में जज के रूप में स्थानांतरित किया गया है। स्थानांतरित किए गए जजों की सूची में जज अनु ग्रोवर बालिगा, जज विकास ढुल, जज प्रशांत शर्मा, जज अमित बंसल, जज किरण बंसल और जज पुलस्त्य प्रमाचल के नाम शामिल हैं। हाईकोर्ट के दिशानिर्देशों के मुताबिक, इन नव-निर्मित एनआईए अदालतों का औपचारिक उद्घाटन सोमवार को किया जाएगा, जिसके बाद ये सभी 6 जज आगामी 4 अगस्त से राउज एवेन्यू कोर्ट में एनआईए से जुड़े मामलों का पूर्णकालिक कामकाज संभालेंगे।
पटियाला हाउस और जिला अदालतों से शिफ्ट हुए MCOCA, NDPS और NIA कोर्ट
दिल्ली की न्यायिक संरचना को एकीकृत और केंद्रित करने के लिए हाईकोर्ट ने कई महत्वपूर्ण अदालतों के स्थान में बदलाव किया है। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़े मामलों की सुनवाई मुख्य रूप से पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में स्थित एनआईए अदालतों में होती थी। वहीं दूसरी ओर, संगठित अपराध (MCOCA) और मादक पदार्थों की तस्करी (NDPS Act) से संबंधित विशेष अदालतें दिल्ली की अलग-अलग जिला अदालतों जैसे तिस हजारी, रोहिणी, द्वारका और साकेत से संचालित हो रही थीं। नए आदेश के लागू होने के बाद अब मकोका, एनडीपीएस और एनआईए की सभी विशेष अदालतों को राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में ही केंद्रित कर दिया गया है। इस केंद्रीकरण से गंभीर और संगठित अपराधों के मामलों में मुकदमों की पैरवी, सुरक्षा व्यवस्था और त्वरित अदालती कार्यवाही में काफी सहूलियत मिलेगी।
क्यों गठित की गई थी पेपर लीक की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट? जानिए पूरा बैकग्राउंड
हाल ही में देश भर में नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई कथित धांधली और विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में छात्रों और युवाओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। इन प्रदर्शनों और अभ्यर्थियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक घोषणा की थी कि पेपर लीक और परीक्षा धांधली के दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।
इसी क्रम में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अधिसूचना जारी करके राउज एवेन्यू कोर्ट में एक ‘स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट’ की स्थापना की थी। यह विशेष अदालत केवल सार्वजनिक परीक्षाओं में धोखाधड़ी, पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से संबंधित कानूनों और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए अधिकृत की गई है। अब नए जज अजय गुप्ता के नेतृत्व में यह अदालत इन मुकदमों की दैनिक आधार पर सुनवाई करके जल्द से जल्द न्याय प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में काम करेगी।
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