चंडीगढ़-मोहाली में फंसा शहीद भगत सिंह के नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण

नई दिल्ली । 10 सालों से चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम शहीद-ए-आजम भगत सिंह के नाम पर किए जाने का मसला चंडीगढ़ और मोहाली की राजनीति में फंसा हुआ है। अधिकारियों से लेकर मंत्री स्तर तक पर प्रयास भी हुए, लेकिन दोनों राज्य सरकारों के रवैये के कारण आज तक एयरपोर्ट का नामकरण शहीद भगत सिंह के नाम पर नहीं हो सका है।

केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय ने उचित रास्ता निकालने के लिए अधिकारियों की कमेटी तो बनाई, लेकिन कोई भी अंतिम निर्णय से पहले मंत्रालय दोनों राज्य सरकारों के बीच आम सहमति चाहता है।

नागर विमानन मंत्रालय में अवर सचिव और जन सूचना अधिकारी एसवी रमन्ना द्वारा कादीपुर, दिल्ली के हरपाल राणा को 27 सितंबर 2017 के पत्र के माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत दी गई जानकारी में माना है कि पंजाब सरकार जहां मोहाली लगवाना चाहती है, वहीं हरियाणा सरकार चंडीगढ़ लगवाना चाहती है।

दी गई जानकारी के अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय सिविल एयर टर्मिनल, चंडीगढ़ का नाम शहीद सरदार भगत सिंह अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, मोहाली करने का प्रस्ताव पंजाब विधानसभा से वर्ष 2009 में केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय का प्राप्त हुआ था।

इसके उपरांत हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भी 28 जून 2010 एवं 16 सितंबर 2010 के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय सिविल एयर टर्मिनल, चंडीगढ़ का नामकरण सरदार भगत सिंह अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, चंडीगढ़ करने का प्रस्ताव दिया था।

दोनों राज्य सरकारें सरदार भगत सिंह के नाम पर हवाई अड्डे का नाम रखे जाने पर सहमत हैं। पंजाब सरकार मोहाली के नाम पर बल दे रही है और हरियाणा सरकार इसे चंडीगढ़ के नाम से चाहती थी।

मंत्रालय ने दोनों राज्य सरकारों के बीच मत भिन्नता को ध्यान में रखते हुए इस मामले का समाधान करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

इसके पश्चात दोनों राज्य सरकारों ने करीब आधा-आधा दर्जन पत्रों के माध्यम से वर्ष 2010 से वर्ष 2015 के बीच अपने इस अनुरोध को दोहराया।

इसके बाद पांच जून 2015 में हरियाणा के मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डा टर्मिनल का नाम डॉ. मंगलसेन अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, चंडीगढ़ करने का अनुरोध किया था।

संबंधित मंत्रालयों तथा हरियाणा और पंजाब सरकारों के परामर्श से प्रस्ताव की जांच की गई। इस संदर्भ में केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री ने पंजाब एवं हरियाणा सरकारों से 18 मार्च 2016 को पत्र के माध्यम से आग्रह किया था कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट के नए सिविल एयर टर्मिनल का नाम शहीद भगत सिंह एयरपोर्ट, चंडीगढ़ के नाम पर रखने के प्रस्ताव पर दोबारा विचार किया जाए।

इस मामले में मंत्री ने दोनों राज्य की विधानसभा में एक नया संकल्प पारित करने का अनुरोध भी किया था। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने 8 अप्रैल 2016 को इस बाबत केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय को पत्र लिखकर फिर से आग्रह किया कि नए सिविल एयर टर्मिनल का नाम शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, चंडीगढ़ के नाम पर ही रखा जाए।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी पुराने स्टैण्ड पर कायम रहते हुए शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मोहाली करने का आग्रह दोहराया।

जन सूचना अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल इस मामले को मंत्रालय के तीन वरिष्ठ अधिकारी देख रहे हैं। इन दोनों राज्य सरकारों की सहमति के बाद ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में नामकरण के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा।

News Source: jagran.com

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