केंद्र सरकार सरकारी उपक्रमों को बेचने के क्रम में अब बेचेगी आईआरसीटीसी की 12.4 प्रतिशत हिस्सेदारी

बिक्री प्रक्रिया प्रबंधन को मर्चेंट बैंकरों से 10 सितंबर तक मंगाई बोली

2.10 लाख करोड़ के विनिवेश लक्ष्य पाने को सरकार ने उठाया कदम

 

 

न्यूज़ डेस्क : सरकार चालू वित्त वर्ष में 2.10 लाख करोड़ के विनिवेश लक्ष्य पाने को भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) में 12.4 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच सकती है। इसकी बिक्री प्रक्रिया के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकरों से 10 सितंबर तक बोलियां मंगाई गई हैं।

 

निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) आमंत्रित करते हुए कहा कि  सरकार भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के तहत शेयर बाजारों के जरिए आईआरसीटीसी में चुकता शेयर पूंजी का कुछ हिस्सा बिक्री पेशकश माध्यम (ओएफएस) से विनिवेश करना चाहती है।

 

 

सरकार की आईआरसीटीसी में 87.4 फीसदी हिस्सेदारी है। सेबी के सार्वजनिक हिस्सेदारी नियम को पूरा करने के लिए सरकार को इसमें हिस्सेदारी घटाकर 75 फीसदी पर लानी है। इससे पहले आईआरसीटीसी ने अक्तूबर, 2019 में प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए 645 करोड़ जुटाए थे। अब कंपनी में हिस्सेदारी बेचकर सरकार अपने विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ पाएगी।

 

 

कई कंपनियों की विनिवेश प्रक्रिया लटकी

दरअसल, सरकार ने 2020-21 के लिए 2.10 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य रखा है। इसमें 1.20 लाख करोड़ सार्वजनिक उपक्रमों और 90,000 करोड़ वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बेचकर प्राप्त किया जाना है। कोविड-19 महामारी के कारण दीपम अब तक किसी भी केंद्रीय लोक उपक्रम (सीपीएसई) में हिस्सेदारी बेच नहीं पाया है।

 

एअर इंडिया और बीपीसीएल की विनिवेश प्रक्रिया भी लटकी है। हालांकि, भारत बॉन्ड ईटीएफ-2 के जरिए सरकार ने सीपीएसई के ‘एएए’ रेटिंग वाले बॉन्ड से 11,000 करोड़ रुपये जुुटाए हैं।

 

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