7 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष ने दोनों देशों के बीच तनाव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। यह संघर्ष 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकवादी हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान-आधारित आतंकवादी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया और इसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-नियंत्रित कश्मीर में कई ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सैन्य कार्रवाई
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के पंजाब और पाकिस्तान-नियंत्रित कश्मीर के नौ स्थानों पर मिसाइल हमले किए। भारत का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों की अवसंरचना को नष्ट करना था। हालांकि, पाकिस्तान ने इन हमलों को नागरिक क्षेत्रों पर हमला बताते हुए उन्हें ‘युद्ध का कृत्य’ करार दिया और 31 नागरिकों की मौत की पुष्टि की।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के हमलों को ‘कायराना’ बताते हुए प्रत्येक ‘बूंद के बदले’ की धमकी दी। पाकिस्तान ने भारतीय विमानों को मार गिराने का दावा किया, हालांकि इस पर कोई स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी गोलीबारी हुई, जिससे दोनों पक्षों में नागरिक हताहत हुए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक प्रयास
संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, चीन, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने दोनों पक्षों से संघर्ष विराम और कूटनीतिक वार्ता की अपील की है। हालांकि, पाकिस्तान और भारत दोनों को अपने-अपने आंतरिक दबावों और राष्ट्रीय गरिमा की चिंता है, जिससे प्रभावी मध्यस्थता की राह कठिन हो गई है।
संभावित समाधान की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट से उबरने के लिए दोनों देशों को संयम और कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे और परमाणु युद्ध का खतरा टल सके।
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