Badrinath Temple Donation Row: बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद पर सीएम धामी का बड़ा बयान- “गौ हत्या और माता-पिता के वध जैसा महापाप, बख्शे नहीं जाएंगे दोषी”
उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में से एक, भगवान बद्रीविशाल के मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार किया है। सीएम धामी ने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए इसे सनातन धर्म की आस्था पर करारा प्रहार बताया है और सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि दोषियों को पाताल से भी ढूंढकर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
“गौ हत्या और माता-पिता के वध जैसा है यह पाप” — भड़के सीएम धामी
हरिद्वार में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गुस्सा साफ नजर आया। उन्होंने इस वित्तीय धोखाधड़ी की तुलना महापाप से करते हुए कहा, “भगवान के घर में चोरी करना और भक्तों की आस्था के पैसे का गबन करना ‘गौ हत्या’ या अपने ‘माता-पिता के वध’ जैसा जघन्य और घोर पाप है। ऐसा घिनौना कृत्य करने वालों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जा सकता। हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है और इस पवित्र स्थल की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले जेल जाएंगे।”
BKTC अध्यक्ष के पीए प्रमोद नौटियाल पर FIR दर्ज, हुए सस्पेंड
बद्रीनाथ धाम में दान पेटियों (थाली भेंट) की गिनती के दौरान हुई इस गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया और स्थानीय संगठनों द्वारा सवाल उठाए गए। मामले की शुरुआती जांच में सामने आया कि 2 जुलाई को दान गणना केंद्र से महज 30 मिनट के भीतर मंदिर के चढ़ावे की राशि को चुपके से गायब कर दिया गया था।
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कड़ा एक्शन: श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चेयरमैन के पर्सनल असिस्टेंट (PA) प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
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पुलिस केस: प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बद्रीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 (कर्मचारी द्वारा मालिक की संपत्ति की चोरी) और 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी शिकंजा कस दिया गया है।
गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में हाई-लेवल SIT गठित
करोड़ों सनातनियों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले इस मामले की तह तक जाने के लिए मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर उत्तराखंड शासन ने एक हाई-लेवल जांच समिति (SIT) का गठन किया है।
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15 दिन की डेडलाइन: पर्यटन सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, गढ़वाल मंडल के कमिश्नर आनंद स्वरूप इस 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष होंगे।
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पैनल के सदस्य: इस जांच टीम में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और स्वास्थ्य महानिदेशालय के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान शामिल हैं।
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CCTV फुटेज खंगालेगी टीम: यह समिति मंदिर परिसर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, पिछले वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) की बारीकी से जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और व्यवस्था सुधारने के सुझाव सरकार को सौंपेगी।
धर्मस्थलों पर राजनीति करने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री
इस मामले को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा न्यायिक जांच की मांग और सरकार पर किए जा रहे हमलों का भी सीएम धामी ने करारा जवाब दिया। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग विकास के मुद्दों पर चर्चा नहीं कर सकते, वे अक्सर हमारे पवित्र धर्मस्थलों को राजनीति का अखाड़ा बना देते हैं। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को भरोसा दिलाया कि भक्तों की श्रद्धा का एक-एक पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और मंदिर की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाना धामी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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