अम्बेडकर धारा 370 के खिलाफ थे , जाने उनसे जुडी कुछ खास बाते

न्यूज़ डेस्क : बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को संविधान के निर्माता के रूप में भी हम सब जानते हैं। आज हम देश को चलाने और नियम-कानून को लेकर जिस संविधान की बात करते हैं वो बाबा साहेब की देन है। धारा 370 पर राजनीतिक दलों और देश में बवाल मचा हुआ है।

 

बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर भारतीय संविधान की इस धारा के खिलाफ थे। धारा 370 जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता है। अनुच्छेद 370 को लेकर आंबेडकर ने शेख अब्दुल्ला को पत्र लिखा था। इतना बड़ी शख्सियत होने के बाद भी आंबेडकर चुनाव हार गए थे। उन्होंने वर्ष 1952 में बॉम्बे नॉर्थ से लोकसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस उम्मीदवार नारायण काजरोलकर ने उन्हें हरा दिया था।

 

वर्ष 1955 में आंबेडकर ने बेहतर शासन के लिए मध्यप्रदेश और बिहार दोनों राज्यों के विभाजन का सुझाव दिया था। इसके ठीक 45 साल बाद राज्यों का विभाजन किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ और झारखंड बना। भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना में आंबेडकर ने अहम भूमिका निभाई थी। उनकी पुस्तक ‘द प्रॉब्लम ऑफ द रुपी – इट्स ओरिजिन एंड इट्स सॉल्यूशन’ में आरबीआई के गठन के दौर को विस्तार से बताया गया है।

 

आंबेडकर ने भारतीय श्रम सम्मेलन के 7 वें सत्र में भारत में काम करने का समय 14 घंटे से घटाकर आठ घंटे कर दिया था। अगर ऐसा न हुआ होता तो हमारा औसत कार्य दिवस सुबह 9 से रात 11 बजे तक का होता।

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