राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस समय एक बहुत बड़ा और तीखा विवाद खड़ा हो गया, जब कांग्रेस पार्टी के एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और बदसलूकी होने की बात सामने आई। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस घटना को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बेहद आक्रामक और गंभीर आरोप लगाए हैं।
बीजेपी नेताओं का दावा है कि जब राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेता राजधानी में मार्च निकाल रहे थे, तब वहां मौजूद एक महिला पत्रकार को कथित तौर पर धक्का दिया गया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं और गंभीर रूप से चोटिल हो गईं। इस घटना के सामने आने के बाद से ही दिल्ली की राजनीति में भूचाल आ गया है और पक्ष-विपक्ष के बीच एक नया राजनीतिक घमासान छिड़ गया है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना का एक वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जो नेता अक्सर सार्वजनिक मंचों से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की बात करते हैं, उनके आचरण और व्यवहार में काफी अंतर है।
बीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा कि एक महिला पत्रकार जो केवल अपना पेशेवर कर्तव्य निभाते हुए प्रदर्शन को कवर कर रही थी, उसे इस तरह से निशाना बनाना और धक्के मारकर गिरा देना बेहद शर्मनाक और निंदनीय कृत्य है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी घटना के दौरान कांग्रेस पार्टी या उनके कार्यकर्ताओं की तरफ से उस घायल महिला की मदद करने के बजाय संवेदनहीनता दिखाई गई, जो उनके लोकतांत्रिक मूल्यों के दावों की पोल खोलती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घटना में चोट लगने के बाद पीड़ित महिला पत्रकार को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखा है। डॉक्टरों के मुताबिक, शुरुआती जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सहायता दी जा रही है।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय बीजेपी विधायक और पार्टी के कई पदाधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायल पत्रकार तथा उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए पीड़ित महिला ने अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि वह केवल अपनी कवरेज के सिलसिले में वहां मौजूद थीं, लेकिन इस अप्रिय घटना के कारण उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद से देश भर के मीडिया जगत और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बहस छिड़ गई है। प्रेस की स्वतंत्रता और काम कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। एक तरफ जहां विपक्षी दल इस मामले पर अपनी सफाई देने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इस मुद्दे को आक्रामक रूप से उठाकर कांग्रेस नेतृत्व को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है।
आगामी दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तनाव और अधिक बढ़ने के आसार हैं, क्योंकि इस घटना से जुड़े वीडियो और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है।
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