Heavy rains in Delhi-NCR brought down the mercury; Gurugram saw a significant drop of 12°C. Find out what the weather will be like for the next three days दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना: कई इलाकों में 12°C तक लुढ़का पारा; जानें 31 मई तक का वेदर अपडेट

पिछले कई दिनों से चिलचिलाती धूप, उमस और रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव (भीषण गर्मी) का सामना कर रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए आखिरकार राहत की बूंदें बरस ही गईं। गुरुवार की शाम को राजधानी और इसके आसपास के इलाकों में हुई तेज आंधी और झमाझम बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। इस राहत की बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई इलाकों में तो पारा करीब 10°C से लेकर 12°C तक नीचे गिर गया, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अब आज (शुक्रवार) से लेकर 31 मई तक के लिए आंधी-तूफान और बारिश का नया ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं कि आपके इलाके में तापमान कितना कम हुआ है और आने वाले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

आपके इलाके में कितनी गिरी तपन? (Temperature Drop Stats)

गुरुवार की शाम को हुई इस अचानक बारिश के बाद महज कुछ ही घंटों के भीतर दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग वेदर स्टेशनों पर तापमान में 5°C से लेकर 12°C तक की भारी गिरावट देखी गई।

  • गुरुग्राम: एनसीआर के इस इलाके में सबसे बड़ी राहत मिली, जहां पारा करीब 12°C तक लुढ़क गया।

  • आयानगर: यहां के तापमान में भी 11°C की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई।

  • मेहरौली: इस ऐतिहासिक इलाके में तापमान करीब 10°C तक नीचे आ गया।

  • नारायणा: यहां के तापमान में लगभग 6°C की कमी देखी गई।

यह अचानक आया बदलाव इसलिए भी बहुत खास है क्योंकि इससे ठीक पहले दिल्ली के कई इलाकों में पारा 45°C के पार जा चुका था। यहां तक कि रातें भी इतनी गर्म थीं कि 21 मई को न्यूनतम तापमान 31.9°C दर्ज किया गया था, जो इस सीजन की सबसे असहज करने वाली रातों में से एक थी।

कहां कितनी दर्ज हुई बारिश?

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार शाम 5:30 बजे से रात 8:30 बजे के बीच दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ीं:

वेदर स्टेशन का नाम दर्ज की गई कुल बारिश (mm में)
सफदरजंग (Safdarjung) 3.3 mm
पालम (Palam) 3.1 mm
पीतमपुरा (Pitampura) 0.5 mm
मयूर विहार (Mayur Vihar) 0.5 mm
जाफरपुर (Jafarpur) 0.5 mm

आखिर क्यों बदला मौसम का मिजाज? वैज्ञानिकों ने बताई वजह

मौसम वैज्ञानिकों की राय:

आईएमडी (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक साथ तीन बड़े वायुमंडलीय सिस्टम (Atmospheric Systems) एक्टिव हुए हैं। पहला— हिमालयी क्षेत्र के ऊपर एक बेहद सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) बना हुआ है। दूसरा— राजस्थान के ऊपर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण तैयार हुआ है। तीसरा— इन दोनों के साथ बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी हवाएं मिल गई हैं। इन तीनों के एक साथ आने से हवा में ह्यूमिडिटी का स्तर बहुत बढ़ गया, जिससे आंधी-तूफान और प्री-मानसून बारिश के लिए एकदम अनुकूल परिस्थितियां बन गईं।

31 मई तक कैसा रहेगा दिल्ली-एनसीआर का मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में बारिश और धूल भरी आंधी चलने की यह गतिविधि 31 मई (रविवार) तक लगातार जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों (स्काईमेट वेदर) के अनुसार, यह प्री-मानसून बारिश का दौर इस साल अप्रैल और मई की शुरुआत में हुई बौछारों की तुलना में बहुत अधिक मजबूत है। आज यानी शुक्रवार को इस आंधी-तूफान की तीव्रता और ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे पूरी दिल्ली में व्यापक रूप से बारिश देखने को मिलेगी। इसके बाद यह वेदर सिस्टम धीरे-धीरे गुजरात की ओर शिफ्ट हो जाएगा। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है, जिसके चलते दिल्ली एयरपोर्ट ने फ्लाइट्स के लेट या कैंसिल होने की आशंका को देखते हुए एडवाइजरी भी जारी की है।

रविवार तक राहत, लेकिन फिर लौटेगा ‘सूरज का सितम’

अगर आप इस सुहाने मौसम को देखकर यह सोच रहे हैं कि गर्मी हमेशा के लिए खत्म हो गई है, तो थोड़ा संभल जाइए। मौसम विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि बारिश और ठंडी हवाओं का यह दौर केवल रविवार (31 मई) तक ही चलेगा, जिससे पारा 34°C से 35°C के आसपास बना रहेगा। 1 जून से हवा में मौजूद यह नमी पूरी तरह साफ हो जाएगी और इसके बाद शुष्क और झुलसाने वाली पछुआ हवाएं एक बार फिर क्षेत्र में धीरे-धीरे वापसी करेंगी। नतीजा यह होगा कि अगले सप्ताह की शुरुआत से ही तापमान में दोबारा 5°C से 6°C की तेज बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसलिए इस वीकेंड का पूरा आनंद उठाइए, क्योंकि अगले हफ्ते से सूरज देव फिर अपने पुराने रंग में लौटने वाले हैं।

 

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