ED Action in Bengal: Former DCP Shantanu Sinha’s Lavish Residence Sealed; 14-Hour Raid Conducted on the ‘Sona Pappu Gang’ बंगाल में ED का एक्शन पूर्व DCP शांतनु सिन्हा का आलीशान घर सील, सोना पप्पू गैंग पर 14 घंटे चली छापेमारी

पश्चिम बंगाल में मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन हड़पने के गंभीर मामलों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को एक बार फिर बेहद आक्रामक कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (DCP) शांतनु सिन्हा बिस्वास और ‘सोना पप्पू’ के नाम से कुख्यात बिस्वजीत पोद्दार के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। मुर्शिदाबाद के कांडी में स्थित पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा के आलीशान बंगले पर ईडी की यह रेड शुक्रवार देर रात करीब 11:00 बजे, यानी पूरे 14 घंटे की सघन तलाशी के बाद खत्म हुई।

14 घंटे की मैराथन रेड के बाद पूर्व DCP का बंगला सील, बैंक अधिकारी भी बुलाए गए

मुर्शिदाबाद में छापेमारी खत्म होते ही ईडी के अधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे आलीशान घर को सील कर दिया है। जांच के दौरान अधिकारियों ने उन राजमिस्त्रियों को भी तलब किया, जो पिछले कुछ सालों से इस भव्य प्रॉपर्टी के रिनोवेशन और मरम्मत का काम देख रहे थे। इसके अलावा, अंडुलिया पंचायत की मुखिया मामोनी राजबंशी को जब्त किए गए दस्तावेजों की आधिकारिक सूची (जब्ती सूची) पर दस्तखत करने के लिए देर रात तक मौके पर ही रोक कर रखा गया था।

ईडी की टीम ने इस वीआईपी ठिकाने से बेनामी संपत्तियों और जमीनों से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। वित्तीय हेरफेर और गुप्त खातों की गहराई से जांच के लिए बहरामपुर से दो बैंक अधिकारियों को विशेष रूप से मौके पर बुलाया गया था। इसके साथ ही, भूमि राजस्व विभाग और रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों की मदद से पूर्व डीसीपी की इन सभी काली संपत्तियों का ऑन-स्पॉट मूल्यांकन भी किया गया।

पूर्व DCP के भतीजे से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक: जांच की आंच में कई बड़े नाम

कोलकाता पुलिस के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास की गिरफ्तारी के बाद से ही मुर्शिदाबाद का यह आलीशान घर पूरे पश्चिम बंगाल में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ था। इस सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ईडी ने इस बार जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। शुक्रवार को जिन अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर रेड की गई, उनमें शामिल हैं:

  • मोहम्मद अली उर्फ ​​मैक्स राजू (जमीन सिंडिकेट से जुड़ा संदिग्ध)

  • सौरव अधिकारी (पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास का सगा भतीजा)

  • रुहिल अमीन अली (कोलकाता पुलिस के सब-इंस्पेक्टर और पूर्व डीसीपी के बेहद करीबी राइट-हैंड)

अप्रैल से लेकर अब तक लगातार गिरफ्तारियां: कौन है ‘सोना पप्पू’ जिसके पीछे पड़ी है ED?

यह ताजा और बड़ी कार्रवाई ईडी द्वारा बीते 18 मई को बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू’ से लंबी पूछताछ और उसकी गिरफ्तारी के ठीक बाद हुई है। इससे पहले, पिछले हफ्ते ही पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा को हिरासत में लिया गया था, जबकि इस पूरे जमीन घोटाले के मुख्य कड़ी और कारोबारी जॉय एस. कामदार को केंद्रीय एजेंसी ने अप्रैल महीने में ही दबोच लिया था।

ईडी ने कोर्ट के सामने पोद्दार को एक ‘आदतन अपराधी’ और शातिर सिंडिकेट लीडर बताया है, जो कथित तौर पर पूरे पश्चिम बंगाल में जबरन जमीन हड़पने और भू-माफियाओं को संरक्षण देने के कई मामलों में सीधे तौर पर लिप्त है।

2015 के रेल यार्ड कांड से लेकर जेल के बाहर हमले तक: ‘सोना पप्पू’ का पुराना आपराधिक इतिहास

जांचकर्ताओं के मुताबिक, बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू का अपराध की दुनिया से पुराना और गहरा नाता रहा है:

  • साल 2015: वह पहली बार तब सुर्खियों में आया जब बालीगंज रेल यार्ड में एक बेहद हिंसक गैंगवार की घटना हुई और उसमें उसका नाम मुख्य आरोपी के तौर पर उभरा।

  • साल 2017: उसके खिलाफ एक सनसनीखेज हत्या का मामला दर्ज किया गया, जिसकी जांच अभी भी जारी है।

  • साल 2021: प्रेसिडेंसी जेल के ठीक बाहर अपने सबसे बड़े विरोधी मुन्ना पांडे पर जानलेवा हमला करवाने का भी उस पर गंभीर आरोप है।

अब ईडी इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि खाकी की आड़ में पूर्व डीसीपी और यह शातिर अपराधी मिलकर बंगाल में कितने हजार करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन घोटाले के खेल को अंजाम दे रहे थे।

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