‘प्रिय केलकर जी’ अभिवाचन कार्यक्रम में जीवंत हुआ संगठन

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  • अभाविप दिल्ली द्वारा जन्मशती वर्ष पर विशेष अभिवाचन कार्यक्रम आयोजित
  • कार्यक्रम में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित
  • ‘प्रिय केलकर जी’ प्रस्तुति के माध्यम से प्रा. यशवंतराव केलकर के जीवन एवं विचारों का मंचन
  • अभाविप की कार्यपद्धति, अनुशासन, समय संतुलन और कार्यकर्ता निर्माण पर विशेष जोर
  • विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद, छात्र एवं संघ प्रेरित संगठनों के कार्यकर्ता रहे उपस्थित
  • नई दिल्ली में भव्य आयोजन

समग्र समाचार सेवा
दिल्ली, १६ मई: नई दिल्ली के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली द्वारा संगठन शिल्पी एवं अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रा. यशवंतराव केलकर के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘प्रिय केलकर जी’ विशेष अभिवाचन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, अखिल भारतीय छात्रा कार्य प्रमुख मनु शर्मा कटारिया, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. तपन बिहारी एवं प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
‘प्रिय केलकर जी’ प्रस्तुति ने बांधा समां
पुणे से आई मिलिंद भड़गे के नेतृत्व वाली अभिवाचन टोली ने ‘प्रिय केलकर जी’ प्रस्तुति के माध्यम से प्रा. केलकर जी के जीवन, विचार और कार्यशैली को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया। प्रस्तुति में अभाविप की कार्यपद्धति, पूर्व योजना, समय प्रबंधन, अनुशासन, सामूहिकता और कार्यकर्ता निर्माण की शैली को दर्शाया गया।

दत्तात्रेय होसबाले ने बताया प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि प्रा. यशवंतराव केलकर ने संगठन निर्माण के ऐसे सूत्र दिए, जिनसे अभाविप की मजबूत नींव तैयार हुई। उन्होंने कहा कि केलकर जी ने छात्र शक्ति को राष्ट्र निर्माण की शक्ति के रूप में स्थापित किया और संगठन जीवन में सादगी, समय पालन तथा आत्मीय कार्यपद्धति का आदर्श प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा, “विद्यार्थी परिषद में मुझे जीवन दृष्टि मिली और संघ में वह विकसित हुई।”

कार्यकर्ताओं के लिए आदर्श व्यक्तित्व

प्रो. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि प्रा. केलकर जी का जीवन प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा है तथा अभाविप की वर्तमान कार्यपद्धति उन्हीं की देन है। वहीं प्रो. राजकुमार भाटिया ने कहा कि प्रा. केलकर जी विद्यार्थी परिषद को व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला मानते थे और उनके साहित्य का गंभीर अध्ययन आज भी प्रासंगिक है।

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