हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी की दुबई में संपत्ति और अमेरिका में कंपनी? कांग्रेस के सनसनीखेज आरोपों से मचा सियासी घमासान
News India Live, Digital Desk: असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता हिमंत बिस्वा सरमा एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर विदेशी संपत्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि मुख्यमंत्री की पत्नी की दुबई में करोड़ों की बेनामी संपत्ति है और अमेरिका में एक कंपनी पंजीकृत है, जिसका खुलासा चुनावी हलफनामों में नहीं किया गया है। इन आरोपों के बाद असम से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में भूचाल आ गया है।
कांग्रेस का बड़ा दावा: ‘दुबई कनेक्शन’ की हो जांच
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ दस्तावेज पेश करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार ने विदेशों में निवेश किया है। कांग्रेस का कहना है कि दुबई के प्राइम लोकेशन पर आलीशान अपार्टमेंट्स और अमेरिका में बिजनेस ऑपरेशंस के पुख्ता सबूत उनके पास हैं। पार्टी ने मांग की है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को तुरंत इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और मुख्यमंत्री के परिवार की विदेशी घोषित और अघोषित संपत्तियों की जांच करनी चाहिए।
हिमंत बिस्वा सरमा का पलटवार: ‘आरोप सिद्ध करें या माफी मांगें’
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस की ‘हताशा’ करार दिया है। मुख्यमंत्री ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस इन संपत्तियों का मालिकाना हक साबित कर देती है, तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे अब उनके परिवार को निशाना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी एक स्वतंत्र व्यवसायी हैं और उनका सारा लेन-देन कानून के दायरे में और पारदर्शी है।
मानहानि के मुकदमों की आहट और कानूनी लड़ाई
सियासी गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री का परिवार इन ‘झूठे और आधारहीन’ आरोपों के खिलाफ जल्द ही अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। इससे पहले भी रिंकी भुइयां सरमा ने पीपीई किट घोटाले जैसे आरोपों पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ मानहानि के मुकदमे दर्ज कराए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाकर भ्रष्टाचार विरोधी छवि बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा इसे मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश बता रही है।
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