News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की स्थिति ने न केवल वैश्विक शांति बल्कि आम आदमी के हवाई सफर के बजट को भी हिला कर रख दिया है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई अचानक तेजी के बाद अब भारतीय एयरलाइंस कंपनियां जैसे Air India, Indigo और SpiceJet अपने किराए में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही हैं।
क्यों महंगे हो रहे हैं फ्लाइट टिकट?
हवाई टिकटों की कीमत सीधे तौर पर ATF (Aviation Turbine Fuel) यानी विमान ईंधन से जुड़ी होती है। एयरलाइंस के कुल संचालन खर्च का लगभग 40-45% हिस्सा अकेले ईंधन पर खर्च होता है।
कच्चे तेल में उबाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $90 प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं।
रूट में बदलाव: युद्ध क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरना असुरक्षित होने के कारण एयरलाइंस को लंबे रास्तों का चुनाव करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और बढ़ गई है।
डिमांड और सप्लाई: छुट्टियों का सीजन करीब होने के कारण टिकटों की मांग पहले से ही ज्यादा है।
यात्रियों की जेब पर कितना पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में 10% से 25% तक की वृद्धि देखी जा सकती है। विशेष रूप से यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, क्योंकि इनके मार्ग पश्चिम एशिया के करीब से होकर गुजरते हैं।
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