चाइनीज रोबोटिक डॉग पर मचा बवाल, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, बोले क्या यही है आत्मनिर्भर भारत

News India Live, Digital Desk :  ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में एक चीनी रोबोटिक डॉग का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। इस समिट में केंद्रीय मंत्रियों और नीति आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी के बीच चीनी तकनीक के इस्तेमाल ने विपक्ष को हमला करने का मौका दे दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे देश की सुरक्षा और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के साथ खिलवाड़ बताया है।

क्या है पूरा विवाद?

समिट के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक रोबोटिक डॉग को प्रदर्शन करते देखा गया।

चीनी कनेक्शन: जांच और चर्चाओं में सामने आया कि यह रोबोटिक डॉग चीन की एक मशहूर टेक कंपनी द्वारा निर्मित है।

राहुल गांधी का हमला: राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सवाल किया कि जब सरकार ‘आत्मनिर्भर भारत’ का नारा देती है, तो सरकारी कार्यक्रमों और प्रमुख विश्वविद्यालयों में चीनी रोबोट्स का प्रचार क्यों किया जा रहा है?

सुरक्षा पर सवाल: विपक्ष का तर्क है कि एआई (AI) और रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल डेटा सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है।

सरकार और यूनिवर्सिटी का पक्ष

इस विवाद पर फिलहाल गलगोटिया यूनिवर्सिटी या संबंधित मंत्रालयों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक:

तकनीकी प्रदर्शन: कार्यक्रम का उद्देश्य केवल अत्याधुनिक एआई तकनीक का प्रदर्शन करना था, न कि किसी विशेष देश के उत्पाद को बढ़ावा देना।

इनोवेशन समिट: समिट में कई भारतीय स्टार्टअप्स ने भी अपने स्वदेशी रोबोट्स दिखाए थे, लेकिन विवाद केवल एक खास उत्पाद को लेकर शुरू हुआ।

रोबोटिक डॉग: तकनीक या खतरा?

रोबोटिक डॉग का उपयोग आज दुनिया भर में निगरानी, आपदा प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के लिए किया जा रहा है।

भारत की स्थिति: भारत भी ‘कमांडो डॉग’ जैसे स्वदेशी रोबोटिक सिस्टम पर काम कर रहा है।

विवाद की जड़: भारत-चीन सीमा विवाद के बीच सरकारी और अर्ध-सरकारी मंचों पर चीनी तकनीक का प्रदर्शन राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन जाता है।

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