जानवरों की समानता के लिए अनुष्का चला रहीं अभियान

न्यूज़ डेस्क : अनुष्का शर्मा, देश में पशु अधिकारों और उनके कल्याण के लिए सबसे मजबूत आवाज हैं और वह उनपर अत्याचार करने वाले अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना चाहती हैं। इसे लेकर अनुष्का ने हाल ही में द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स ऐक्ट, 1960 में संशोधन के लिए अभियान की शुरूआत की है। इस अधिनियम के तहत जानवरों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वाले किसी आरोपी के लिए वर्तमान में केवल 10-100 रुपये का जुर्माना देने का प्रावधान है। ऐसे में अनुष्का ने #JusticeForAnimals नाम से अभियान की शुरूआत की है, जो अपराधियों को दंडित करने के लिए कड़े कानूनों की वकालत करने जा रहा है।

 

अनुष्का कहतीं हैं कि जीवन, जीवन है और इस खूबसूरत ग्रह पर प्रत्येक जीवन समान रूप से महत्वपूर्ण है। वे कहतीं हैं कि यह दुनिया सिर्फ इंसानों के लिए नहीं है। यह इस ग्रह पर रहने वाले सभी जीवित प्राणियों के लिए समान रूप से है और अगर मनुष्य को उनके खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए न्याय मिल सकता है, तो जानवरों को भी न्याय पाने का समान अधिकार होना चाहिए। अनुष्का कहती हैं कि किसी भी इंसान के लिए यह सोचना कि उसका जीवन एक बेजुबान से अधिक महत्वपूर्ण है, किसी क्रूरता से कम नहीं है और एक अवांछित स्थिति है। 

 

सोशल मीडिया पर अनुष्का के लगभग 60 मिलियन फॉलोवर्स हैं और वह अपने इस विशाल नेटवर्क का उपयोग देश में एक बहस को चिंगारी देने के लिए कर रहीं हैं। पिछले दिनों मुंबई में लकी नाम के कुत्ते पर हुए अत्याचार से अनुष्का काफी द्रवित हुईं और इस घटना ने उन्हें बुरी तरह झकझोर कर रख दिया। निर्ममतापूर्वक हुई पिटायी के बाद लकी नामक उस कुत्ते की मौत हो गई। इसके बाद से वे देश भर में पशु अत्याचार के कई भयानक मामलों को उजागर करती रही हैं। अनुष्का इस दिशा में अब एक रचनात्मक नीतिगत बदलाव की तलाश में हैं।

 

अनुष्का ने कहा कि, “अगर एक विकसित प्रजाति के रूप में हम इन बेजुबान प्राणियों के हितों की रक्षा के लिए रुचि नहीं ले सकते हैं, तो एक सबसे विकसित प्रजाति के रूप में खुद पर गर्व करना हमारे लिए काफी शर्मनाक है। इसलिए, उनकी रक्षा और पोषण के साथ ही सम्मान और मर्यादा के साथ उनके प्रति मानवीय व्यवहार करना हमारा कर्तव्य है। साल दर साल जानवरों के कल्याण और जानवरों के प्रति क्रूरता के खिलाफ एक आवाज के रूप में, मेरे समक्ष कई ऐसे मामले आए हैं, जहां लोगों में जानवरों के प्रति लापरवाही के साथ ही पूर्ण सहानुभूति और करुणा की कमी देखने को मिली है। ऐसा माहौल इसलिए है, क्योंकि मौजूदा कानून जरूरत के मुताबिक जानवरों के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा नहीं करते हैं।”

 

हमेशा से ही समान अधिकारों को लेकर मुखर इस विचारशील लीडर ने कहा कि, “हमारी संस्कृति और समाज, हमेशा से ही भगवान की बनाई हुई सभी कृतियों के साथ प्रेम और करुणापूर्ण व्यवहार करने पर काफी जोर देता रहा है और ऐसे में कुछ लोगों द्वारा इन अहानिकर प्राणियों के खिलाफ निर्दयतापूर्ण व्यवहार को देख मुझे काफी तकलीफ होती है। मौजूदा कानून काफी पुराने हैं और इसमें सुधार कर सख्त सजा का प्रावधान करने की जरूरत है, ताकि इन बेजुबान जानवरों पर अत्याचार करने वालों के मन में भय पैदा हो सके। पारिस्थितिक असंतुलन और संकट, जिससे वर्तमान में सारी दुनिया जूझ रही है, को देखते हुए अब इस दिशा में सक्रियतापूर्ण कार्य करने का समय आ गया है।”

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