रसोई गैस की किल्लत देख सरकार का मास्टरस्ट्रोक अब 24 घंटे में मिलेगा PNG कनेक्शन, सिलेंडर की टेंशन होगी खत्म

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News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कतर के गैस प्लांट पर हमले के बाद भारत में संभावित एलपीजी (LPG) संकट को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। आम जनता को भारी किल्लत और महंगी गैस से बचाने के लिए सरकार ने एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब देश के प्रमुख शहरों में पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन मात्र 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा।

पेट्रोलियम मंत्रालय का सख्त निर्देश

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को निर्देश जारी किया है कि वे अपनी कार्यक्षमता बढ़ाएं। सरकार का लक्ष्य है कि लोग एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम करें और पीएनजी की ओर शिफ्ट हों, ताकि बैकअप के तौर पर रखे गए एलपीजी स्टॉक का इस्तेमाल उन इलाकों में किया जा सके जहाँ पाइपलाइन नहीं पहुँच सकती।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

LPG संकट का डर: कतर से होने वाली गैस सप्लाई बाधित होने के डर से घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत हो सकती है।

24 घंटे की डेडलाइन: पहले पीएनजी कनेक्शन लेने में हफ़्तों का समय लगता था, लेकिन अब आवेदन के 24 घंटे के भीतर मीटर और पाइपलाइन फिटिंग पूरी करने का लक्ष्य है।

लागत में कमी: पीएनजी, एलपीजी के मुकाबले करीब 10-15% सस्ती पड़ती है और इसमें सिलेंडर खत्म होने का डर भी नहीं रहता।

इन शहरों को मिलेगी प्राथमिकता

शुरुआती चरण में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु और लखनऊ जैसे बड़े महानगरों में ‘ऑन-डिमांड’ कनेक्शन स्कीम शुरू की जा रही है। कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अतिरिक्त तकनीकी टीम तैनात करें ताकि रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद वेरिफिकेशन और इंस्टॉलेशन पूरा किया जा सके।

आम आदमी के लिए क्या बदलेगा?

सरकार का यह कदम न केवल सप्लाई की अनिश्चितता को कम करेगा, बल्कि कालाबाजारी और डिलीवरी में होने वाली देरी से भी राहत दिलाएगा। जानकारों का मानना है कि ‘डायरेक्ट-टू-किचन’ गैस सप्लाई भविष्य में भारत की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।

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