बंगाल पर ‘रेड अलर्ट’ का साया! सोमवार तक घर से निकलना खतरे से खाली नहीं, मौसम विभाग ने जारी की सख्त चेतावनी ‘Red Alert’ looms over Bengal! Venturing out until Monday is risky; the Meteorological Department has issued a stern warning.
पश्चिम बंगाल के निवासियों के लिए अगले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण सोमवार तक मूसलाधार बारिश का अनुमान है, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। कोलकाता से लेकर दार्जिलिंग और तटीय इलाकों तक, स्थिति गंभीर बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ कर दिया है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, सोमवार तक घर से बाहर निकलना जान जोखिम में डालने जैसा हो सकता है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा, प्रशासन हाई अलर्ट पर
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण बंगाल के जिलों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है, जबकि उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) का खतरा बना हुआ है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली और उत्तर 24 परगना के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है। आपदा प्रबंधन की टीमें पहले से ही तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को नदियों के किनारे न जाने और जर्जर इमारतों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। लखनऊ और राज्य के अन्य हिस्सों से आने वाले यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना मौसम के मिजाज को देखते हुए ही बनाएं।
सोमवार तक स्कूलों और दफ्तरों पर हो सकता है असर
रेड अलर्ट को देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार तक कई स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया जा सकता है। इसके अलावा, सरकारी दफ्तरों में भी उपस्थिति कम रहने की उम्मीद है। परिवहन व्यवस्था भी चरमरा सकती है, क्योंकि भारी बारिश के चलते ट्रेन और बस सेवाओं में देरी की संभावना है। स्थानीय नगर पालिकाओं को जल निकासी के पंप सक्रिय करने और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या करें और क्या न करें? प्रशासन की गाइडलाइंस
आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने साथ पावर बैंक, जरूरी दवाइयां और सूखा राशन तैयार रखें। बिजली के तारों और खंभों के पास न जाएं, क्योंकि बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। यदि आप सड़क पर हैं और जलभराव का सामना कर रहे हैं, तो अपने वाहन को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें और पानी के बहाव में गाड़ी न डालें। किसी भी आपात स्थिति के लिए स्थानीय पुलिस या आपदा सहायता नंबर पर तुरंत संपर्क करें। यह समय संयम और सतर्कता बरतने का है।
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